महादेव सट्टा एप में4 आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान पेश: सट्टा संचालान में इस्तेमाल होने वाले 200 मोबाइल भी कोर्ट में पेश किए गए

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

महादेव सट्टा एप मामले मंगलवार को ACB- EOW ने चार आरोपियों के खिलाफ 2000 पेज का चालान पेश किया गया । इसके साथ ही महादेव सट्टा एप के संचालन में इस्तेमाल होने वाले 200 मोबाइल फोन भी कोर्ट में पेश किए है।.महादेव बुक मामले में EOW ने आरोपी सहदेव सिंह यादव, भारत ज्योति उर्फ गुरू उर्फ भास्कर, विश्वजीत राय चौधरी एव अतुल सिंह के धारा 120बी, 420, 467 468, 471 एवं 201 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 4 7 8 एवं 11 के तहत गिरफ्तार किया था।

वहीं इस मामले में अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।महोदव बुक के कॉल सेंटर में मारी थी रेडगौरतलब है EOW की टीम ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ राज्यों में सचालित महोदव बुक के कॉल सेंटर्स (ओटीपी सेंटर्स) में रेड कार्रवाई की गई थी ।

और आरोपी भारतज्योति, अतुल सिंह ,विश्वजीत राय चौधरी को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से हजारो फर्जी सिम कार्ड, सैकड़ों मोबाइल एवं लैपटॉप जब्त किये गये थे।इन मोबाइल नंबरों के व्हाट्सएप हेड ऑफिस दुबई से संचालित होते थे। आरोपियों के पास से महादेव बुक के एकाउंट ग्रुप के लिये फर्जी कॉर्पोरेट बैंक एकाउंट की व्यवस्था भी की जाती थी।

जिनमें पैनलों से कमाए गए पैसों को ट्रांसफर कर हवाला के जरिए दुबई तक पहुंचाया जाता था।सोमनी से हुआ था निलंबित कॉन्स्टेबल गिरफ्तारमहादेव सट्‌टा ऐप केस मामले में EOW ने फरार चल रहे निलंबित कॉन्स्टेबल सहदेव यादव राजनांदगांव के सोमानी से पकड़ा है। निलंबित आरक्षक भी दुबई में रहकर महादेव सट्टा एप के प्रमोटर रवि उप्पल के साथ मिलकर पैनल ऑपरेट करता था।

सहदेव यादव का था दुबई कनेक्शनआरोपी सहदेव यादव आरक्षक भीम सिंह यादव और अर्जुन यादव का भाई है। सहदेव और उसके भाइयों का कनेक्शन महादेव ऐप संचालित करने वाले लोगों के साथ था। सहदेव सट्टा चलाने वाले और दुबई में बैठे सन्नी सतनाम से लगातार बात करता भी करता था।

सहदेव कई महीने तक बिना किसी जानकारी के गायब भी था। इस दौरान उसका लोकेशन मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में पाया गया। वहीं ऑनलाइन सट्टा ऐप का पैनल भी चला रहा था।

Share This Article