शंकराचार्य बोले-गौ-रक्षा करने आए मोदी, गौ-हत्या के एजेंट हो गए

राजेन्द्र देवांगन
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अंबिकापुर में निश्चलानंद बोले-अमर्यादित ढंग से रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की, नीतीश-नायडू की बैसाखियों पर सरकार

शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि गौ-रक्षा के लिए आए मोदी, गौ-हत्या के एजेंट हो गए हैं।छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि गौ-रक्षा के लिए आए मोदी, गौ-हत्या के एजेंट हो गए हैं। गौ-रक्षा के नाम पर प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे गौ रक्षकों को गुंडा कहते हैं।.

शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे, लेकिन मर्यादा का ज्ञान नहीं रखते हैं। उन्होंने अमर्यादित ढंग से रामलला के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। इस कारण वे गिर भी रहे हैं। जहां-जहां राम गए, वहां भाजपा साफ हो गई। जय श्री राम कहना भूल गए।अंबिकापुर में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद के स्वागत में पहुंचे श्रद्धालु।मोदी अब नीतीश कुमार और नायडू की बैसाखियों पर आ गएप्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य ने कहा कि देश में धर्म परिवर्तन, गौ हत्या के लिए राजनीति और सरकार जिम्मेदार है।

नरेंद्र मोदी अब नीतीश कुमार और नायडू की बैसाखियों पर आ गए। अब मोदी की गारंटी भी कहना बंद कर दिया।गौ-हत्या को लेकर पीएम पर साधा निशानाशंकराचार्य ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कहा था कि प्रधानमंत्री को गौ हत्या बंद कर देनी चाहिए। अब मोदी स्वयं भारत के प्रधानमंत्री हैं। अब वे कहते हैं, गौरक्षक गुंडे हैं।

जो भी प्रधानमंत्री बनता है वह क्रिश्चन और मुस्लिम कम्युनिटी का दास हो जाता है।धर्म परिवर्तन के लिए सरकारें जिम्मेदारस्वामी निश्चलानंद ने कहा कि धर्म परिवर्तन के लिए सरकार जिम्मेदार है। तालिबान के शासन में चार क्रिश्चयन आए, मुस्लिमों को क्रिश्चयन बनाने के लिए। चारों को तालिबान के शासन ने फांसी की सजा सुनाई। सनातन धर्म दर्शन, विज्ञान, व्यवहार तीनों से परिपूर्ण है।

सेवा के नाम पर हिंदुओं को क्रिश्चयन बनाने का जघन्य अपराध चल रहा है।शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि देश की राजनीति काजल की कोठरी के समान है।अन्याय सहना सहिष्णुता नहींस्वामी निश्चलानंद ने कहा कि विनम्रता के नाम पर अन्याय सहना सहिष्णुता नहीं होती। जो स्वभाव से दुष्ट हैं, उनके विरुद्ध अस्त्र उठाना कोई अपराध नहीं है।

देश की सेना, पुलिस लोगों की रक्षा के लिए अस्त्र उठाती है। सनातन का सिद्धांत भी यही कहता है। हम अहिंसा के पक्षधर हैं, लेकिन हिंसा करने वालों पर अस्त्र उपयोग को गलत नहीं मानते।नेताओं का वैचारिक पतननिश्चलानंद ने कहा कि देश में नेताओं का वैचारिक पतन हो रहा है। देश की राजनीति काजल की कोठरी के समान है।

मठ मंदिर शासन का तंत्र बन गया है। देश में किसी की भी दल की सत्ता हो मंदिर, देवस्थान इनके दिशा-निर्देश पर चलते हैं, जबकि धर्मनिरपेक्ष सरकार को धार्मिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है।योग्यता के आधार पर नहीं मिलती नौकरीस्वामी निश्चलानंद ने कहा कि आधुनिक शिक्षा पद्धति नौकर ही बनाएगा। आज शिक्षित युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरी नहीं मिलती।

इससे युवाओं में हताशा और निराशा बढ़ रही है।प्रसाद में मिलावट जघन्य अपराधस्वामी निश्चलानंद महाराज ने देश में प्रसाद में अमान्य चीजों की मिलावट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा करना जघन्य अपराध है। इसलिए उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिठाई, प्रसाद में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में नैतिकता का पतन हुआ है।रविवार को धर्मसभा को करेंगे संबोधितबता दें कि शनिवार को तीन दिनों के प्रवास पर पहुंचे निश्चलानंद सरस्वती महाराज का शहर में आत्मीय अभिनंदन किया गया। अंबिकापुर में दर्शन, दीक्षा और संगोष्ठी का कार्यक्रम हरिमंगलम भवन में आयोजित है।

रविवार को नारायणी परिसर में धर्मसभा को संबोधित भी करेंगे।इससे संबंधित और भी खबरें…1. मोदी ध्यान रखें, काशी से MP हुए हैं ना…?: शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती बोले- ज्ञानवापी प्रकरण में शासन तंत्र चाहे तो हमसे ले मार्गदर्शनगोवर्धन पीठ, पुरी के शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती शनिवार को काशी से प्रयागराज रवाना हो गए।

इससे पहले ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि शासन तंत्र हमसे मार्गदर्शन लेना चाहे, तो ले सकता है। सामाजिक तंत्र के वरिष्ठ लोग मेरे पास आएं। यहां पढ़िए पूरी खबर…2. अविमुक्तेश्वरानंद बोले-जातिगत जनगणना ठीक नहीं: रायपुर में शंकराचार्य ने कहा-धर्म का राजनीति में हो रहा प्रयोग; गाय को मिले राज्य माता का दर्जाजगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि राजनेताओं को जातिगत जनगणना कराना ही क्याें हैं? एक धर्म की राजनीति कर रहे हैं और एक को जाति की राजनीति करनी है। शंकराचार्य सोमवार को रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात कर रहे थे। यहां पढ़िए पूरी खबर…

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