रमी-पोकर जुआ नहीं, कौशल है’ इलाहाबाद HC का गेमिंग ऐप को लेकर बड़ा फैसला

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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रमी और पोकर नाम सुनकर आपके दिमाग में क्या आता है? आमतौर पर लोग इसको एक जुआ की तरह देखते हैं। पिछले दिनों मेसर्स डीएम गेमिंग प्राइवेट लिमिटेड ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि पोकर (ताश का खेल) और रमी जुआ नहीं, बल्कि एक कौशल का खेल है। कोर्ट की इस टिप्पणी की काफी चर्चा हो रही है।

क्या है पूरा मामला?
मेसर्स डीएम गेमिंग प्राइवेट लिमिटेड ने गेमिंग यूनिट चलाने की अनुमति मांगी थी, जिसको रिजेक्ट कर दिया गया। इसको रिजेक्ट करने की वजह इस गेमों को जुआ मानना था। 24 जनवरी 2024 को आगरा पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी सिटी के दफ्तर ने एक आदेश दिया था, जिससे दुखी होकर ही कोर्ट का रुख किया गया। दरअसल, डीसीपी दफ्तर ने इस यूनिट को चलाने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि इन खेलों से शांति और सद्भाव में खलल पड़ सकता है, उन्होंने सिर्फ तर्क के आधार पर इसे जुआ माना।

कोर्ट ने इसे कौशल क्यों बताया?
कोर्ट ने इस मामले पर कहा कि इस तरह के मनोरंजक खेलों को सिर्फ जुआ कहकर मान्यता ना देना ठीक नहीं है। इसको मान्यता ना देने के लिए उनके पास ठोस सबूत होने चाहिए। उनके पास ऐसे सुबूत और रिकॉर्ड होने चाहिए जिससे मान्यता ना देने पर विचार किया जाए। इसी के साथ कोर्ट ने कहा कि गेमिंग यूनिट चलाने की इजाजत देने से अधिकारियों को अवैध तरीके से जुआ जैसी गतिविधियों की निगरानी करने से रोका नहीं जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने इनको जुआ ना मानकर एक कौशल माना है।

क्या हैं पोकर और रमी गेम?
रमी और पोकर जैसे खेल दुनिया भर में ऑनलाइन और ऑफलाइन खेले जाते हैं। ये सबसे फैमस कार्ड गेम हैं। पोकर की बात करें तो ये कैसीनो में ज्यादा खेला जाता है। वहीं, रमी त्योहारों या किसी पारिवारिक समारोह में घरों में काफी खेला जाता है। हालांकि, रमी और पोकर दोनों ही गेम ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर काफी पसंद किए जाते हैं।

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