झिंगटपुर स्कूल में रोजगारमूलक शिक्षा देने सिलाई मशीन सहित कंप्यूटर शिक्षा की हुई शुरूवात

राजेन्द्र देवांगन
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झिंगटपुर स्कूल में रोजगारमूलक शिक्षा देने सिलाई मशीन सहित कंप्यूटर शिक्षा की हुई शुरूवात

ज़िला ब्यूरो प्रमुख हरीश माड़वा

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा सत्र 2022-23 के लिए शनिवार को बस्ता विहीन विद्यालय हेतु विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया गया है । शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार अब शनिवार की शुरुआत प्रात: 7:30 प्रार्थना सभा से और अंतिम कालखंड 11:30 बजे सांस्कृतिक / साहित्यिक गतिविधि से समाप्त होगी।


इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार राज्य के विभिन्न् विद्यालयों में वर्तमान में रोजगारमूलक व्यावसायिक शिक्षा को महत्व देते हुए बस्ता विहीन विद्यालय के नाम से कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ताकि बच्चे शाला में पढ़ते- पढ़ते भावी भविष्य के लिये भी ज्ञानार्जन के लिये व्यावसायिक कुशल कार्य में दक्ष हो सके। इस उद्देश्य के पूर्ति के लिए कोटा विकासखंड के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला झिंगटपुर के शिक्षक श्रीमती मीरा रजक ने माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम के आयोजन सहित बस्ता विहीन शाला चलाकर बच्चों को सिलाई कड़ाई बुनाई पेपर क्रॉफ्ट सीखाना, सजावटी सामग्री कार्य इत्यादि सिखा रही है, बच्चों को सिलाई सहित कंप्यूटर शिक्षा की बेसिक जानकारी देने के उद्देश्य से अब इस शाला में कंप्यूटर शिक्षा को भी जोड़ दिया गया है। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी विजय टांडे द्वारा एवं ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती सुरुज बाई मार्को सहित शाला प्रबंधन समिति सभी सदस्य , स्व सहायता समूह के सदस्यों सहित ग्रामीणजन की उपस्थिति में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा रीबन काटकर दो सिलाई मशीन सहित दस कंप्यूटर सेट का उद्घाटन किया गया। अपने उद्बोधन में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि ” हमारा एक ही उद्देश्य है, कि हम छात्रहित में क्या बेहतर करें जिससे छात्रों की सर्वांगीण विकास हो सके, जिसके लिए पूरी लगन के साथ बच्चों को शिक्षा देना होगा। छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ने 8 वी तक के बच्चों के लिए शनिवार का दिन बिना बस्ता का शुरुआत करके बच्चों को एक नया प्लेटफार्म देने का कार्य किये हैं, इस दौरान छात्र स्वतंत्र होकर विविध शालेय गतिविधियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है, उन्होंने कहा है कि ” हमारे बच्चों में स्कूल के लिए रूचि जागृत हो और पढ़ाई के साथ-साथ स्कूलों में योग, व्यायाम, खेलकूद, सांस्कृतिक, साहित्यिक शिक्षा एवं ग्रुप डिस्क्सन और लाइब्रेरी में समय बीते, इसलिए अब छत्तीसगढ़ में 8 वीं कक्षा तक हर शनिवार को बच्चे बिना बैग के स्कूल जाएँगे। “
व्यावसायिक शिक्षा को संचालित करने वाले शिक्षक श्रीमती मीरा रजक सहित कंप्यूटर शिक्षा के बेसिक ज्ञान देने रामचंद्र यादव व सिलाई मशीन सिखाने में सहयोग करने स्वेच्छा से तैयार सहयोगी कुमारी रजनी को शुभकामनायें दिए। आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित व्याख्याता सुशील कुमार पटेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मिट्ठूनवागांव, संस्था प्रमुख जनक राम पालके, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष गंगाराम यादव, संजय रजक संकुल समन्वयक कोंचरा, प्रमोद कुमार सिमरे प्रधान पाठक बापा पूर्व माध्यमिक शाला करगीखुर्द, अंकुर सिमरे, श्रीमती चम्पा पोर्ते, श्रीमती जूली सहगल, श्रीमती जगबाई, श्रीमती माया भानू, श्रीमती ओमलता श्याम, श्रीमती शांति, श्रीमती लता बाई, बुधवार यादव, लवकुमार यादव, पवन मरकाम , दीपक पोर्ते सहित शालेय छात्रगण उपस्थित रहे।

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