पुलिस कैंप पर नक्सली हमला, 2 जवान समेत 4 घायल:CAF के जवानों और दो महिला मजदूरों को लगी गोली, 15 ग्रेनेड दागे

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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पुलिस कैंप पर नक्सली हमला, 2 जवान समेत 4 घायल:CAF के जवानों और दो महिला मजदूरों को लगी गोली, 15 ग्रेनेड दागे

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बैलाडीला की पहाड़ी के नीचे खोले गए नए पुलिस कैंप पर माओवादियों ने हमला किया है। जंगल की तरफ से माओवादियों ने कैंप पर 15 BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) दागे हैं। साथ ही अंधाधुंध फायरिंग भी की। नक्सलियों के इस हमले से CAF के 2 जवान और 2 महिला मजदूर घायल हो गईं। हालांकि, सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। एक महिला मजदूर को दंतेवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि दोनों जवान और दूसरी महिला मजदूर का कैंप में ही उपचार किया गया। मामला किरंदुल थाना क्षेत्र का है।

घायल आरक्षक किशन सूर्यवंशी।

दरअसल, दंतेवाड़ा जिले के अति संवेदनशील इलाके हिरोली में हाल ही में पुलिस कैंप स्थापित किया गया है। बुधवार की रात माओवादियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के नक्सलियों ने कैंप पर अचानक हमला कर दिया। अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद जवानों ने फौरन मोर्चा संभाल लिया। नक्सलियों की गोलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया। करीब 40 मिनट तक यहां रुक-रुक कर गोलीबारी हुई। नक्सलियों की फायरिंग में CAF के आरक्षक सलीम लकड़ा के पीठ में और आरक्षक किशन सूर्यवंशी के दाहिने कान के पीछे गोली लगी।

मजदूर दुले हेमला के पेट को छूकर गोली निकली।

वहीं कैंप का निर्माण काम में लगे मजदूर भी यहीं थे। गोलीबारी में दुले हेमला के पेट और बुदरी ताती के चेहरे को छूकर गोली निकली। हालांकि सभी की स्थित सामान्य है। देर रात 108 की मदद से महिला मजदूर दुले को दंतेवाड़ा जिला अस्पताल लाया गया। अन्य का कैंप में पदस्थ डॉक्टरों ने इलाज किया। SP सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। माओवादियों ने कैंप पर कुल 15 BGL दागे थे जिनमें 7 फटे। DRG की टीम कैंप पहुंच गई है। इलाके की सर्चिंग की जा रही है।

कच्ची सड़क के बीच ट्रैक्टर खड़े कर दिया था।

कच्ची सड़क पर खड़े किए थे ट्रैक्टर
बताया जा रहा है कि, हमला करने से पहले माओवादियों ने कैंप तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क के बीच ट्रैक्टर खड़े कर दिया था। साथ ही गड्ढा कर मार्ग भी बंद कर दिया था। ताकि फायरिंग के बाद बैकअप पार्टी को आने में समय लग जाए। रात में घायलों को लेने गई एंबुलेस 108 को दूसरे रास्ते से खेतों को पार कर कैंप तक जाना पड़ा।

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