फर्जी दस्तावेज के सहारे कर रहा था नौकरी, फार्मासिस्ट बर्खास्त कलेक्टर के आदेश के बाद सीएमएचओ ने की कार्रवाई

राजेन्द्र देवांगन
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फर्जी दस्तावेज के सहारे कर रहा था नौकरी, फार्मासिस्ट बर्खास्त कलेक्टर के आदेश के बाद सीएमएचओ ने की कार्रवाई

(संवाददाता सिरोज विश्वकर्मा)

बीजापुर :-फर्जी दस्तावेज़ के सहारे नौकरी कर रहे फार्मासिस्ट को कलेक्टर के आदेश के बाद सीएमएचओ ने बर्खास्त कर दिया है।

कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीजापुर से मिली जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम में पदस्थ फार्मासिस्ट ग्रेड-2 पिछले दस सालों से जिले के इलमीड़ी से फर्जी निवास प्रमाण-पत्र बना कर नौकरी कर रहा था, जिसकी शिकायत के बाद बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा के आदेश पर अनुविभागीय अधिकारी भोपालपटनम डॉ. हेमंत भुआर्या ने जाँच में प्रशांत के निवास प्रमाण पत्र को फर्जी और कूटरचित होना पाया। जिसके उपरांत जाँच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने फार्मासिस्ट ग्रेड- 2 की सेवाएँ समाप्त करते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया।

वार्ड-1 के पार्षद नंदू राणा लंबे समय से प्रशांत के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पार्षद नंदू के मुताबिक इससे पूर्व भी प्रशांत के खिलाफ एसडीएम उमेश पटेल के जांच में उसका निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था, लेकिन प्रशांत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। वर्तमान कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के सख्त आदेश के बाद विभाग को इस बार प्रशांत के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी।

मामले की जांच कर रहे भोपालपटनम के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डॉ. हेमेंद्र भूआर्य के अनुसार प्रशांत कुमार गणनायक का निवास प्रमाण पत्र जाली है। उसके रजिस्ट्रेशन क्रमांक की जांच करने पर किसी अन्य का नाम उजागर हुआ। प्रशांत ने नौकरी हेतु कूटरचित निवास प्रमाण पत्र जमा किया था।

बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आरके सिंह के अनुसार कलेक्टर के आदेश उपरांत हुए जांच में प्रशांत कुमार गणनायक का निवास प्रमाण पत्र जाली पाया गया। जिसके उल्लेखनीय है कि बीजापुर नगर पालिका के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया है।

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