भ्रष्टाचार और गबन के मामले का खुलासा करने वाला शिक्षक ही निलंबित

Jagdish Dewangan
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मुंगेली/- जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुंगेली अंतर्गत अजीबोगरीब और एक से एक आश्चर्यजनक कारनामे होते रहते हैं। इसी कड़ी में स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ मुंगेली के जिला कोषाध्यक्ष एवं शिक्षक संतोष कुमार यादव द्वारा स्काउट गाइड में व्याप्त भ्रष्टाचार और लाखों के गबन का उजागर विभाग के समक्ष किया गया। जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा पूर्व डीओसी मोरध्वज सप्रे तथा पूर्व कोषाध्यक्ष पूनम शर्मा कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध जांच संस्थित भी की गई तथा इसी मामले में पार्षद अजय साहू एवं भाजपा नेता प्रेम आर्य के द्वारा भी लिखित शिकायत कर जांच और एफआईआर की मांग दोषियों के विरुद्ध की गई थी।
संबंधित दोषियों के विरुद्ध जांच का पता आज तक नहीं है और इसके ठीक विपरीत उन्हें अभयदान भी मिल गया। किंतु भ्रष्टाचार और गबन को उजागर करने वाले शिक्षक संतोष कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया। यह शायद ईमानदारी से कार्य करने का प्रतिफल है। ऐसा जनमानस में चर्चा है।
विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि स्काउट गाइड शाखा मुंगेली अंतर्गत दोषी एवं जिनके विरुद्ध जांच संस्थित की गई थी, उन मोरध्वज सप्रे, पूनम शर्मा एवं स्काउटिंग से बर्खास्त अमित गुप्ता, पीतांबर मानिकपुरी, युगल किशोर राजपूत का एक अन्य साथी योगेश पाठक के द्वारा ताड़बतोड़ एक ही आवेदन को बार-बार सूचना का अधिकार, जनदर्शन, सीएम हेल्पलाइन और सुशासन तिहार में लगाया गया। जिसके उक्त कृत्य से पूर्व के सभी जिला शिक्षा अधिकारी परेशान रहे और विभाग का बहुत सा समय जानकारी तैयार करने में ही व्यतीत होता रहा। इसी कड़ी में जानकारी तैयार करने के लिए आदेशित शिक्षक संतोष कुमार यादव जिसे वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी एमएल पटेल द्वारा पहले सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ से कार्य मुक्त किया जाता है और उसके पश्चात शिक्षक को जानकारी दिए बगैर बिना किसी नोटिस या सूचना के एकतरफा निलंबन प्रस्ताव संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर जेडी कार्यालय को भेज दिया जाता है। जिसमें यह आरोप लगाया जाता है कि शिक्षक संतोष कुमार यादव द्वारा सूचना का अधिकार जानकारी समय सीमा में तैयार नहीं करने के कारण आवेदक योगेश पाठक द्वारा सूचना का अधिकार की जानकारी जनदर्शन, सुशासन तिहार, सीएम हेल्पलाइन इत्यादि से मांगी गई जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है इस कारण संबंधित शिक्षक को निलंबित किया जाता है। जबकि जन सूचना अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं होते हैं इसके अलावा स्काउट गाइड शाखा अंतर्गत कोई भी निर्णय लेने से पूर्व जिला अध्यक्ष एवं जिला मुख्य आयुक्त तथा जिला संघ की सहमति अनिवार्य होती है जिसे दरकिनार करते हुए, बगैर किसी की जानकारी के जिला शिक्षा अधिकारी एमएल पटेल द्वारा व्यक्तिगत रूप से निर्णय लेकर आदेश जारी किए जा रहे हैं जो कि नियम विरुद्ध है एवं विधि सम्मत नहीं है। ऐसा स्काउटिंग नियमों के जानकारों के द्वारा बताया गया।
इस विद्वेषपूर्ण और एकतरफा कार्यवाही जिसमें प्राकृतिक न्याय सिद्धांत की प्रक्रिया को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया और पद का दुरुपयोग करते हुए निलंबन आदेश जारी करवाया गया है, इसे लेकर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ मुंगेली के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, कर्मचारी संगठन एवं शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों तथा विधि के जानकार लोगों में भारी रोष व्याप्त है और यह कार्य तब किया गया है जब संबंधित शिक्षक के विरुद्ध जांच समिति गठित की गई है, जो जांच अभी चल रही है। इस प्रकार का अजब गजब कारनामा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुंगेली से हो रहा है। इस पर भारी रोष व्यक्त करते हुए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ मुंगेली के जिला मुख्य आयुक्त राणा प्रताप सिंह ठाकुर एवं अध्यक्ष जेठमल कोटड़िया द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली व जिला सचिव के कार्य शैली पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उच्च स्तर पर शिकायत प्रेषित करने की बात कही गई है।

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संपादक - जगदीश देवांगन