bijapur -बस स्टैंड में न बैठने की जगह, न पीने लायक पानी करोड़ों का बस स्टैंड हुआ बदहाल- आखिर जिम्मेदार कौन

राजेन्द्र देवांगन
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Chhattisgarh news: बीजापुर अंतरराज्यीय बस स्टैंड में यात्रियों के लिये जरूरी सुविधाओ की कमी के चलते यहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों के लिये पेरशानी बन गया है। करोड़ो रूपये से निर्मित इस बस स्टैंड में न बैठने की जगह है न पीने लायक स्वच्छ पानी है। आलम यह है कि यहां यात्रियों को मवेशियों के साथ बैठना पडता है और सफाई के आभाव में यहां वहां गदगी पसरा रहता है।

करोड़ों का बस स्टैंड हुआ बदहाल

जिसके चलते भी यात्री बसों का इंतजार के दौरान बदबू का सामना करते हैं। इतना ही नहीं लगातार अनदेखी व रखरखाव के अभाव में जगह-जगह  गंदगी पसरा रहता है वहीं पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। बस स्टैण्ड में बसें भी बिना किसी नियमों के बेतरतीबी से खड़ी रहती है जिससे कई बार यात्रियों को गंतव्य के लिये बसों को पकड़ने में परेशानी होती है।

 bijapur -बस स्टैंड में न बैठने की जगह

बस स्टैंड से रोजाना रायपुर सहित हैदराबाद से लेकर विशाखापत्तनम, जयपुर, भवानीपटनम, सुकमा, कोंटा, के अलावा यूपी एमपी इत्यादि के लिए रोजाना 50 से 100 यात्री बसें चलती हैं । कहने को तो यह अंतरराज्यीय बस स्टैंड है, लेकिन समुचित रखरखाव के अभाव में बस स्टैंड की स्थिति दयनीय नजर आ रही है। यह बस स्टैंड प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो गया है।

साफ-सफाई के अलावा पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था सहित कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। परिसर में गंदगी का आलम यात्रियों के लिए परेशानी का सबब है। शौचालयों में गंदगी का आलम है। बस स्टैंड परिसर में पेयजल व्यवस्था नहीं है।
बस डिपो में तब्दील बस स्टैंड

यात्रीयो को  बैठने की उचित व्यवस्था नहीं, यात्रियों के स्थान पर मवेशियों के होता है डेरा, बारिश के दौरान यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से बाहर ठहरने मजबूर, बसों के आने जाने की, जानकारी संबंधी बोर्ड का आभाव, गंतव्य स्थान जाने किराया संबंधी बोर्ड का आभाव।

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