पाठ्यपुस्तक वितरण में देरी पर अशासकीय विद्यालय संचालक संघ नाराज-दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और संकुल स्तर पर पुस्तक वितरण की मांग

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने पाठ्यपुस्तक वितरण में हो रही देरी और अव्यवस्था को लेकर संचालक संघ ज्ञापन) राज्य सरकार तथा पाठ्यपुस्तक निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।संघ का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से पाठ्यपुस्तकों के वितरण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। वर्ष 2025-26 में कई स्कूलों को सितंबर तक पुस्तकें नहीं मिल सकीं, जबकि कुछ विषयों की किताबें पूरे सत्र में उपलब्ध नहीं हुईं।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और संकुल स्तर पर पुस्तक वितरण की मांग (संचालक संघ ज्ञापन)

वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है और अधिकांश विद्यालयों को अब तक आधी-अधूरी पुस्तकें ही मिली हैं। संघ ने कहा कि नए सत्र की शुरुआत 16 जून से हो चुकी है और बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित हैं, ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

संगठन ने अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित करने की मांग की है। वहीं इस मामले में छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे ने कहा कि यदि कोई अनुदान प्राप्त विद्यालय शासकीय पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाता है तो उसके खिलाफ अनुदान समाप्त करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।

















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