रायपुर सेंट्रल जेल में कैदी ने लगाई फांसीः पॉक्सो एक्ट में बंद था मृतक, परिजन कर रहे जेलर को निलंबित करने की मांग

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सेंट्रल जेल में पॉक्सो एक्ट में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक सुनील महानद ने बड़ी गोल बैरक में कथित तौर पर शाम 6 बजे फांसी लगा ली। घटना के बाद परिजन जेल प्रशासन पर गंभीर प्रताड़ना और सूचना छिपाने जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

बैरक नंबर 5 में लगाई फांसी

सूत्रों के अनुसार सुनील महानद सेंट्रल जेल की बैरक नंबर 5 में बंद था। शाम 6 बजे उसने फांसी लगा ली, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाया। वह पॉक्सो एक्ट के तहत विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बंद था। हालांकि परिजन इस आत्महत्या की पुष्टि नहीं मान रहे और घटना को संदिग्ध बता रहे हैं।

परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि सुनील को जेल में लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनके अनुसार लगातार कैदी के साथ मारपीट होती थी और उसी प्रताड़ना के चलते उसकी मौत हुई है। परिजनों ने शिकायत की कि, जेल प्रशासन ने शाम 6 बजे हुई घटना की जानकारी देर रात तक नहीं दी और उससे पहले ही शव को मर्चुरी भेज दिया गया।

परिजन बोले ‘यह आत्महत्या नहीं, हत्या है’ परिजनों का आरोप है कि सुनील ने खुद फांसी नहीं लगाई, बल्कि उसे मारकर लटका दिया गया है। उनका कहना है कि चोटों के निशान और परिस्थितियाँ आत्महत्या पर सवाल उठाते हैं।

पॉक्सो एक्ट में बंद था मृतक,

परिवार ने कहा ‘उसने आत्महत्या नहीं की है, उसे किसी ने मारकर फांसी पर लटकाया है।’शव को चोरी छिपे मर्चुरी भेजने का आरोप परिजनों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने चुपचाप शव को मर्चुरी भेज दिया और परिवार को इसके बारे में कई घंटे बाद बताया। परिजनों के अनुसार, ‘आत्महत्या के बाद तुरंत पुलिस या परिवार को सूचना नहीं दी गई, पहले शव मर्चुरी भेज दिया गया।’

जेल के बाहर धरने पर बैठे परिजन

घटना के विरोध में परिजन जेल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनके साथ दर्जनों स्थानीय लोग भी जुट गए हैं। परिजन हाथों में बैनर-पोस्टर लिए जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे हैं। जिसपर उनकी मुख्य मांगें है कि-

सीबीआई जांच कराई जाए जेलर को तुरंत सस्पेंड किया जाए
जेल में हुई प्रताड़ना की हो जांच हत्यारोपियों पर मामला दर्ज किया जाए परिजनों का कहना है कि, जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे धरने से नहीं उठेंगे।

जेल की व्यवस्था पर उठे सवाल

कैदी की मौत और परिजनों के आरोपों के बाद सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और कैदियों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।

गंज थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया

मामले की सूचना गंज थाना पुलिस को दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है, परंतु परिजनों ने इस जांच पर भी सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग रखी है।

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