बिलासपुर नगर निगम के 22 अनुकंपा कर्मचारियों को हाईकोर्ट से राहत, नियुक्ति बहाल

राजेंद्र देवांगन
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बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति पर कार्यरत 22 कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर द्वारा 18 सितंबर को जारी नियुक्ति निरस्तीकरण आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया।

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता पिछले वेतन (बैक वेजेस) के हकदार नहीं होंगे। लेकिन उनकी वरिष्ठता (सीनियरिटी) उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से, बिना किसी सेवा अंतराल के, गिनी जाएगी।


अधिकारियों की कार्यशैली पर कोर्ट की नाराजगी

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा कि—

  • निदेशक द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के अनुमोदन को अस्वीकार करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया
  • यह रवैया मनमाना और निरंकुश प्रतीत होता है
  • इससे कर्मचारियों के वैध अधिकारों का हनन हुआ है

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति मामलों में राज्य सरकार की नीति के अनुसार ही निर्णय लिया जाना चाहिए।


2013 की नीति के अनुसार होगा परीक्षण

न्यायालय ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों की जांच केवल 14 जून 2013 की नीति के—

  • खंड 15(क)
  • खंड 16

के अनुसार ही की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय नीति में कोई नया शब्द जोड़ या घटा नहीं सकता, जिससे नीति के मूल उद्देश्य में बदलाव हो।


डिप्टी सीएम ने सौंपा था नियुक्ति आदेश

गौरतलब है कि 10 जनवरी को उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने स्वयं अपने हाथों से इन 22 कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति आदेश सौंपा था। इसके बावजूद, ये कर्मचारी अब तक प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में ही कार्य कर रहे थे।

नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि नियुक्ति आदेश शासन की स्वीकृति के इंतजार में जारी किया गया था। स्वीकृति में देरी के कारण कर्मचारियों का वेतन रुका रहा, जिसके बाद निगम ने नियुक्ति निरस्त कर प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में रुका हुआ वेतन भुगतान किया।


शासन से मांगा गया मार्गदर्शन

हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस मामले में राज्य शासन से मार्गदर्शन मांगा है। अपर आयुक्त खजांची कुम्हार के अनुसार, शासन से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि—

  • नगर निगम हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करेगा

    या

  • कर्मचारियों को उनके अनुकंपा पद एवं वेतनमान के अनुसार समायोजित किया जाएगा

2018 से कर रहे काम, वेतन अब भी प्लेसमेंट का

ये सभी 22 कर्मचारी वर्ष 2018 से नगर निगम में कार्यरत हैं। अनुकंपा नियुक्ति के बावजूद उन्हें अब तक प्लेसमेंट कर्मचारी के बराबर वेतन ही दिया जा रहा है, जो लगातार विवाद का विषय रहा है।


इन कर्मचारियों की नियुक्ति हुई बहाल

हाईकोर्ट से राहत पाने वाले कर्मचारियों के नाम इस प्रकार हैं—

नीता ठाकुर, रन्नू उर्फ क्षमता, अन्नपूर्णा सोनी, प्रवेश परिहार, लक्ष्मी जानोकर, गीता श्रीवास, हसीना बानो, निलेश श्रीवास, अजीत कुमार, मोहम्मद यूनुस खान, मीना पाल, बीना समुद्रे, शेख अमीन, विनोद डागोर, मीना तिवारी, रजनी गुप्ता, प्रदीप बघेल, शेखर मार्को, मोहम्मद यूनुस, संजय कुमार और रेशमा मलिक।


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राजेंद्र देवांगन (प्रधान संपादक)