जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता को पद से हटाकर सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन को मिला सिविल सर्जन का अतिरिक्त चार्ज

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने में स्वास्थ्य विभाग चार महीने लगा दिए। 19 अक्टूबर को दिए कोर्ट के आदेश अब पालन करते हुए मुख्य स्वास्थ्य सचिव ने बिलासपुर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता को पद से हटाकर सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन को सिविल सर्जन का अतिरिक्त चार्ज दिया है।
डॉ. एके झा की याचिका पर कोर्ट ने आदेश दिया था। उन्होंने याचिका में चुनौती दी थी कि उनसे जूनियर डॉ. अनिल गुप्ता को सिविल सर्जन बना दिया है। डॉ. एसएन भाटिया के जिला अस्पताल सिविल सर्जन पद से रिटायरमेंट के बाद, जिला अस्पताल का सिविल सर्जन पद को लेकर गहमागहमी रही।
पहले ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. मधुलिका सिंह ठाकुर ने बतौर सिविल सर्जन का चार्ज लिया, लेकिन कोविड अस्पताल में बदइंतजामी और लापरवाही होने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें सिविल सर्जन के पद से हटाने की कार्रवाई की थी। डॉ. मधुलिका सिंह को हटाकर डॉ. अनिल गुप्ता को जिला अस्पताल का नया सिविल सर्जन बनाया गया।
लेकिन इस पदस्थापना में वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया। उनसे सीनियर डॉ. अमन कुमार झा ने अपने से जूनियर डॉ. अनिल गुप्ता को सिविल सर्जन बनाने पर अपत्ति जाहिर की और शासन के इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
कोर्ट ने उनकी याचिका को सही बताते हुए डॉ. अनिल गुप्ता को सिविल सर्जन बनाया जाना गलत ठहराया और 19 अक्टूबर 2020 को रोक लगाई। हाईकोर्ट के इस आदेश के पालन करने और अमल में लाने में स्वास्थ्य मुख्यालय को चार माह का समय लग गया।

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