छत्तीसगढ़ लोक कला पंथीनृत्य से बाबा गुरू घासीदास के संदेशों को देश-दुनिया में प्रचारित और प्रसारित करने में अपना अमूल्य योगदान दिया

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ के डॉ. राधेश्याम बारले को पद्मश्री अलंकरण: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दी बधाई

रायपुर, 25 जनवरी 2021/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के ख्याति प्राप्त पंथी नर्तक डॉ. राधेश्याम बारले को देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्मश्री अलंकरण 2021 के लिए चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि डॉ. बारले ने अपनी कला साधना से छत्तीसगढ़ और देश को गौरवान्वित किया है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आज पद्म अवार्ड की घोषणा की गई। जिसमें कला के क्षेत्र में पद्मश्री अवार्ड के लिए छत्तीसगढ़ के डॉ. राधेश्याम बारले का नाम भी शामिल है।

डॉ. बारले लोक कला पंथीनृत्य के ख्यात नर्तक हैं। पंथी नृत्य के माध्यम से उन्होंने बाबा गुरू घासीदास के संदेशों को देश-दुनिया में प्रचारित और प्रसारित करने में अपना अमूल्य योगदान दिया है।

डॉ. बारले का चयन बाबा गुरू घासीदास के प्रति सम्मान है। डॉ. बारले का जन्म दुर्ग जिले के पाटन तहसील के ग्राम खोला में 9 अक्टूबर 1966 को हुआ।

इन्होंने एम.बी.बी.एस. के साथ ही इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से लोक संगीत में डिप्लोमा किया है। डॉ. बारले को उनकी कला साधना के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

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