ग्राम फरहदा में मत्स्य रोग प्रबंधन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

राजेन्द्र देवांगन
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मुंगेली,  // केन्द्रीय मात्स्यकीय शिक्षा संस्थान, मुम्बई द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेली के संयुक्त तत्वाधान में अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत मत्स्य रोग प्रबंधन विषय पर ग्राम फरहदा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण के पहले दिन केन्द्रीय मात्स्यकीय शिक्षा संस्थान, मुम्बई के वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने कृषकों एवं महिला समूहों को मत्स्य स्वास्थ्य प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. जीना ने मछलियों में होने वाले बैक्टीरिया एवं विषाणु जनित रोगों और उनके उपचार के बारे में बताया, जबकि डॉ. सलोनी शिवम ने मछलियों में परजीवियों से होने वाले रोगों और उनके नियंत्रण पर चर्चा की। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. आर. एल. शर्मा ने छत्तीसगढ़ में मत्स्य विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। मत्स्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप सिंह ने तालाबों के प्रबंधन की जानकारी दी। मृदा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. थानेश्वर कुमार ने मछली पालन के लिए मृदा स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 कृषकों एवं महिला समूहों ने भाग लिया और मत्स्य पालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

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