छत्तीसगढ़ में आचार संहिता समाप्त होते ही प्रशासनिक तबादलों का दौर शुरू, 12 अनुभाग अधिकारियों और 17 सहायक अनुभाग अधिकारियों का तबादला, जीएडी ने जारी किए आदेश

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आचार संहिता समाप्त होते ही प्रशासनिक तबादलों की प्रक्रिया तेज कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने मंत्रालय स्तर पर कार्यरत 12 अनुभाग अधिकारियों (SO) और 17 सहायक अनुभाग अधिकारियों (ASO) के तबादले का आदेश जारी किया है। यह कदम राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नए पदों पर नियुक्त किए गए अधिकारी
जीएडी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों को नए पदों पर नियुक्त किया गया है। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान विभाग में ही बनाए रखा गया है, जबकि कुछ को अन्य विभागों में स्थानांतरित किया गया है।

12 अनुभाग अधिकारियों की नई सूची

  • लोकनाथ ठाकुर: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग में यथावत।
  • महेन्द्र कुमार माण्डले: धार्मिक न्यास धर्मस्व विभाग में यथावत।
  • वसंत कुमार वैष्णव: वाणिज्यक कर विभाग से वाणिज्यिक कर पंजीयन विभाग।
  • हेमन्त कुमार काम्बलकर: साप्रवि-7 में यथावत।
  • सुनील अनंत बापट: साप्रवि पूल से स्कूल शिक्षा विभाग।
  • सतीश सिंह राजपूत: साप्रवि-1 से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग।
  • नीरज शर्मा: साप्रवि-7 से साप्रवि-13।
  • वीरेन्द्र कुमार: वित्त विभाग से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग।
  • प्रगति जोशी: संस्कृति विभाग से साप्रवि-1।
  • सुनीता गौतम: परिवहन विभाग से संस्कृति विभाग।
  • शिव कुमार गोंड़: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग।
  • अश्वनी भतपहरी: साप्रवि-5 से परिवहन विभाग।

17 सहायक अनुभाग अधिकारियों के तबादले भी किए गए
विभिन्न विभागों में कार्यरत 17 सहायक अनुभाग अधिकारियों की सूची भी जारी की गई है, जिनमें अधिकारियों को नए पदों पर नियुक्त किया गया है। इन तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू रूप से संचालित करना है।

पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता
जीएडी ने यह सुनिश्चित किया है कि तबादलों की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हो और सभी अधिकारियों की नियुक्ति उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर की जाए।

प्रशासनिक गति और जवाबदेही में होगा सुधार
राज्य सरकार के इस कदम से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, अधिकारियों के बीच जवाबदेही और पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

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