बिलासपुर में मौसम बदला: ठंड घटने से मिली राहत, दोपहर की धूप ने बढ़ाई तपिश, फिर गिरेगा तापमान

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बिलासपुर में दिन में चुभने लगी धूप, ठंड का असर घटा: अधिकतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक, उत्तरी हवाओं से फिर लौटेगी सर्दी

बिलासपुर। शहर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। लगातार तापमान में बढ़ोतरी के चलते ठंड का असर कम हो गया है और सर्दी के मौसम में गर्मी का अहसास होने लगा है। दोपहर की धूप अब तीखी लगने लगी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक है।

न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात में ठंड का असर काफी हद तक कम हो गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट की संभावना जताई है, जिससे ठंड फिर से लौट सकती है।

शुक्रवार को रहा शुष्क मौसम, दिनभर तेज धूप का असर
शहर में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह हल्की ठंड महसूस हुई, लेकिन सूरज चढ़ते ही तापमान में तेजी आई और ठंड पूरी तरह समाप्त हो गई। दोपहर के समय तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास हुआ, जबकि शाम और रात के समय हल्की ठंड महसूस की गई।

26 जनवरी तक गिर सकता है तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से 26 जनवरी तक प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में तापमान गिरने की संभावना है, जबकि बस्तर संभाग में 27 जनवरी तक गिरावट देखी जा सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में चार डिग्री तक गिरावट संभव है, जिससे ठंड का असर दोबारा महसूस किया जाएगा।

जनवरी में सबसे गर्म दिन
शहर में इस साल जनवरी में शुक्रवार का दिन सबसे गर्म रहा। पेड़ों से पत्ते झड़ने लगे हैं, जो मौसम में बदलाव का संकेत दे रहे हैं। वर्तमान में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जिससे दिन में गर्मी जैसी स्थिति बन गई है।

मौसम विभाग की सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। नागरिकों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने और गर्म कपड़ों का उपयोग जारी रखने की सलाह दी गई है, ताकि ठंड के संभावित प्रभाव से बचा जा सके।

Share This Article