रायपुर गौकशी मामला: पुलिस की दबिश में बड़ा खुलासा, कांग्रेस नेता पर आरोप

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गौकशी का बड़ा मामला सामने आया है। बुधवार देर रात मोमिनपारा में एक घर में गौ मांस काटने का अवैध काम किया जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी और गौकशी में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर एक संदेही को हिरासत में लिया। इस मामले में कांग्रेस नेता और मोमिनपारा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष हैदर अली का नाम सामने आ रहा है, जिन पर इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, हैदर अली ने इन आरोपों को साजिश करार देते हुए खुद को निर्दोष बताया है।

हैदर अली ने खुद को बताया निर्दोष

कांग्रेस नेता हैदर अली ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, “गौमांस तस्करी से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। आरोप लगाने वाला व्यक्ति नशे का आदी है और मेरे साथ चार महीने पहले नल कनेक्शन को लेकर विवाद हुआ था। राजनीतिक साजिश के तहत मुझे बदनाम किया जा रहा है।” उन्होंने इस मामले में रायपुर एसपी को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग भी की है।

पुलिस को मिले अहम सुराग

गौसेवकों को लंबे समय से मोमिनपारा में अवैध गौकशी की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद संदिग्ध घरों की रेकी की गई। सूचना पक्की होने पर पुलिस को जानकारी दी गई और फिर दबिश दी गई। मौके से पुलिस को खुर्शीद अली नामक व्यक्ति की आईडी मिली है। इसके अलावा, कुछ डायरियां भी बरामद हुई हैं, जिनमें खरीददारों के नाम, वजन और रेट दर्ज हैं।

पुलिस को घर के तीन कमरों में ढाई से तीन फीट के बड़े मांस के टुकड़े मिले हैं। इसके साथ ही तराजू, मांस काटने का सामान, लकड़ी के बड़े टुकड़े, खून के धब्बे, ऑटो और रस्सियां भी बरामद की गई हैं।

दबिश के दौरान बिजली गुल, आरोपी फरार

गौसेवकों ने बताया कि जब पुलिस ने घर का दरवाजा खोला, तो अंदर दो आदमी और दो-तीन महिलाएं मौजूद थीं। लेकिन उसी समय बिजली गुल हो गई, जिसका फायदा उठाकर चार से पांच लोग पिछले दरवाजे से फरार हो गए। हालांकि, मौके से मिले सबूतों से स्पष्ट है कि वहां गौकशी हो रही थी। पुलिस ने जब्त किए गए मांस के सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया है।

अब आगे क्या?

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, क्योंकि कांग्रेस नेता का नाम इसमें जोड़ा जा रहा है। प्रशासन और पुलिस के लिए यह केस बेहद संवेदनशील बन गया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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