रायगढ़ में राष्ट्रीय पैथोलॉजिस्ट कॉन्फ्रेंस 10 से 12 जनवरी तक

राजेन्द्र देवांगन
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रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्थित स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग में राष्ट्रीय पैथोलॉजिस्ट कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। 10 से 12 जनवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन का आयोजन इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (IAPM) के छत्तीसगढ़ चैप्टर द्वारा किया जा रहा है। यह इस वार्षिक सम्मेलन का 20वां संस्करण होगा, जिसे “कैप्कॉन 2024-25” नाम दिया गया है।

सम्मेलन का मुख्य विषय

इस बार के सम्मेलन का मुख्य विषय “अनलॉकिंग द सीक्रेट्स ऑफ डिजीज: एडवांसेज इन पैथोलॉजी” (रोगों की प्रकृति के रहस्यों को समझना और पैथोलॉजी में नवीन प्रगति) रखा गया है। इस विषय के तहत विभिन्न रोगों के निदान, नई तकनीकों और आधुनिक अनुसंधानों पर चर्चा होगी।

200 से अधिक विशेषज्ञ होंगे शामिल

इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों के चिकित्सा विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहित 200 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। डॉ. मनोज कुमार मिंज, जो इस कॉन्फ्रेंस के आयोजक हैं, ने बताया कि यह सम्मेलन चिकित्सकों, पैथोलॉजिस्ट्स और पीजी छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।

इन विषयों पर होगी चर्चा

सम्मेलन के दौरान चिकित्सा जगत के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे और निम्नलिखित विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे—

ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स और कॉगुलेशन डिसऑर्डर्स: हीमोफिलिया जैसी बीमारियों पर चर्चा।
इम्यूनो-हिस्टोकेमिस्ट्री: कैंसर के सटीक निदान में इसकी भूमिका।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और पैथोलॉजी: रोगों के निदान में AI का प्रभावी उपयोग और डिजिटल डेटा समाधान।
सिकल सेल रोग: नवीनतम उपचार पद्धतियाँ।
फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी (FNAC): गांठों के पैथोलॉजिकल निदान में वैज्ञानिक निष्कर्ष।
ऑटोप्सी केयर और केस डिस्कशन: क्लिनिकोपैथोलॉजिकल कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत गहन चर्चा।
मूत्राशय के ट्यूमर का निदान: WHO के पांचवें संस्करण के दिशानिर्देशों के अनुसार।
नरम ऊतक (सॉफ्ट टिशू) ट्यूमर का निदान।
डिम्बग्रंथि (ओवरी) ट्यूमर: जटिलताओं और निदान से संबंधित दुविधाओं को दूर करना।
किडनी बायोप्सी: नैदानिक दृष्टिकोण और उपचार पद्धतियाँ।

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा

इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए विशेषज्ञ अपने शोध, अनुभव और नई तकनीकों को साझा करेंगे। इससे चिकित्सकों, पैथोलॉजिस्ट्स और मेडिकल छात्रों को अद्यतन जानकारी और नवीनतम शोध से अवगत होने का अवसर मिलेगा।

समापन

तीन दिवसीय यह सम्मेलन चिकित्सा जगत में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीकों और उपचार पद्धतियों को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

 

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