Journalist Mukesh Chandrakar Murder-पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बीजापुर में हत्या, ठेकेदार के सेप्टिक टैंक से मिली लाश – बस्तर के पत्रकारों में गुस्सा

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बस्तर जंक्शन के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में आज पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद, पुलिस ने बीजापुर के एक ठेकेदार के सेप्टिक टैंक की खुदाई कराई, जहां मुकेश चंद्राकर का शव मिला।

बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर के बारे में जो आशंका जताई जा रही थी, वही हुआ। उनका शव एक सेप्टिक टैंक में पाया गया है। उनका मोबाइल जहां आखिरी बार ट्रैक किया गया था, वहीं पर यह शव बरामद हुआ। मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी की रात को अचानक अपने घर के बाहर से लापता हो गए थे।

पुलिस को मिले थे अहम सुराग
बस्तर जंक्शन के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की तलाशी के दौरान आज पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। इसके बाद, पुलिस ने बीजापुर के एक ठेकेदार के सेप्टिक टैंक की खुदाई कराई, जहां मुकेश चंद्राकर का शव मिला।


सेप्टिक टैंक में मिली लाश
प्रारंभिक जांच से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर ठेकेदार से उनका विवाद था, जिसके कारण मुकेश चंद्राकर लापता हुए थे और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। बस्तर पुलिस इस मामले में जल्द ही विस्तार से जानकारी दे सकती है।

एडिश्नल एसपी के नेतृत्व में बनाई गई थी टीम

बीजापुर पुलिस ने मुकेश चंद्राकर की खोज के लिए एडिश्नल एसपी के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी, जिसमें कई पुलिस अधिकारी शामिल थे और उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजा गया था। इसके साथ ही पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया था। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी जांच कर रही थी।

पुलिस ने आखिरी लोकेशन के आधार पर आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, जिसके बाद एक सेप्टिक टैंक में शव मिला। पुलिस ने शव की पहचान मुकेश चंद्राकर के रूप में की है और अब इस मामले में आगे की जांच जारी है।

भाई ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई
जानकारी के अनुसार, बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी की रात अचानक लापता हो गए। वे रात आठ बजे तक अपने घर में थे और सीसीटीवी फुटेज में भी रात 8 बजे तक उनकी उपस्थिति देखी गई, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा था। इस बारे में उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

Share This Article