अबुझमाड़ में विकास की नई किरण: नारायणपुर के कच्चापाल में नक्सल विरोधी अभियान के तहत नया कैंप स्थापित

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

नारायणपुर जिले के घोर नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में विकास और सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। अबुझमाड़ के कच्चापाल गांव में 18 दिसंबर को नक्सल विरोधी अभियान के तहत नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया। यह इस वर्ष का सातवां नया कैंप है, जो न केवल क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि विकास कार्यों को भी गति प्रदान करेगा।

नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर का सपना

कच्चापाल में नवीन कैंप का उद्घाटन नारायणपुर पुलिस के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। इस पहल का उद्देश्य नक्सल उन्मूलन अभियान “माड़ बचाव” के तहत ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करना और क्षेत्र में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

  • स्थापना की भूमिका:
    इस कैंप की स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फाइटर और बीएसएफ की 133वीं, 135वीं, 162वीं, और 11वीं वाहिनी की अहम भूमिका रही।
  • स्थान:
    नवीन कैंप कच्चापाल, थाना कोहकामेटा, ओरछा ब्लॉक के अबुझमाड़ क्षेत्र में स्थित है।

विकास कार्यों को मिलेगी गति

नवीन कैंप की स्थापना से आसपास के गांवों में विकास कार्यों का दायरा बढ़ेगा।

  • मूलभूत सुविधाएं:
    सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, और मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं अब तेजी से विकसित होंगी।
  • नियद नेल्ला नार योजना:
    केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता से पांच गांवों तक पहुंचाने की तैयारी है।

ग्रामीणों में उत्साह और सुरक्षा का माहौल

नक्सल विरोधी अभियान के चलते अब क्षेत्र के लोग भयमुक्त होकर जीने लगे हैं।

  • भय से मुक्ति:
    ग्रामीणों के बीच नक्सली हिंसा का डर कम हुआ है, और वे अब अपने विचारों को खुलकर व्यक्त कर पा रहे हैं।
  • समस्या निवारण शिविर:
    जन समस्या निवारण शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई

सुरक्षा बलों ने कच्चापाल के कैंप स्थापना के साथ-साथ कोहकामेटा-ईरकभट्टी-कच्चापाल-तोके-कुतुल मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षित बनाने में सहयोग किया है।

  • सघन अभियान:
    क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियानों को और तेज किया जा रहा है।
  • अधिकारियों की भागीदारी:
    पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुडिया, और बीएसएफ के नवल सिंह सेनानी समेत अन्य अधिकारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कैंप की स्थापना सुनिश्चित की।

भविष्य की उम्मीदें

नारायणपुर में इस तरह के कैंपों की स्थापना ने न केवल नक्सल उन्मूलन में तेजी लाई है, बल्कि ग्रामीणों को विकास और सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया है।
कच्चापाल में नया कैंप नक्सल मुक्त और सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। ग्रामीणों ने सरकार और सुरक्षा बलों के इस प्रयास की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि यह पहल उनके जीवन में स्थायी सुधार लाएगी।

Share This Article