Saturday, October 1, 2022

प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 14 सितंबर को शा. उच्च.माध्य. विद्या. जरामनगर में हिंदी दिवस का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

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प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 14 सितंबर को शा. उच्च.माध्य. विद्या. जरामनगर में हिंदी दिवस का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

बिलासपुर जिले में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 14 सितंबर को शा. उच्च.माध्य. विद्या. जरामनगर में हिंदी दिवस का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप ज्योति प्रज्वलित कर संस्था की प्राचार्य एम.मोईत्रा ने किया। माँ सरस्वती की सुंदर स्तुति कक्षा आठवीं की छात्रा भूमिका वस्त्रकार द्वारा किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम की अगली कड़ी में सभी अभ्यागतों का स्वागत पुष्पगुच्छ से विद्यार्थी द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और उन्होंने हिंदी के बारे में बहुत ही रोचक जानकारियां और हिंदी की उपयोगिता,महत्ता को अपने कविता, गीत,भाषण में शामिल किया। विद्यार्थियों ने कविता, भाषण, गीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। शिक्षकवृंद द्वारा भी हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को हिंदी के महत्व एवं उसकी उपयोगिता के बारे में बतलाया। वरिष्ठ व्याख्याता श्री मनोज कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को पुस्तकों का वाचन स्वाध्याय करने पर बल दिया जिससे उनके हिंदी शब्द भंडार और अधिक हो। हिंदी दिवस पर कार्यक्रम में सभी शिक्षकवृंद ने अपने -अपने विचार विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किए और उन्हें हिंदी के बारे में जानकारियां भी बताएं जिससे वे अधिक से अधिक अपनी भाषा का मान रख सके। विज्ञान की शिक्षिका श्रीमती चौधरी ने हिंदी के महत्व को विद्यार्थियों के समक्ष रखा और अधिक से अधिक हिंदी भाषा का प्रयोग करने पर जोर दिया । हिंदी के व्याख्याता श्रीमती डहरिया ने गीत के माध्यम से हिंदी के महत्व को सबके सामने समक्ष प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रमुख एम. मोइत्रा ने बच्चों को इस बात पर जोर दिया कि वे अपनी राजभाषा हिंदी का प्रयोग करने में गर्व करें। उन्होंने आगे कहा कि जितने भी बड़े-बड़े प्रतियोगी परीक्षाएं होती हैं उनमें साक्षात्कार हिंदी में लिए जाते हैं अतः हिंदी हमारी उन्नति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन हिंदी के व्याख्याता प्रदीप कुमार राठौर ने किया। इस अवसर पर संस्कृत के व्याख्याता श्री शिव नंदन लाल साहू,श्रीमती त्रिपाठी,श्रीमती गुप्ता,श्रीमती निराला,श्रीमती बोस, सुश्री उषा महानंद श्रीमती यादव, श्रीमती खान, श्रीमती सरिता बाला शर्मा,श्री श्याम कुमार गबेल, अर्जुन प्रसाद पांडेय, B.Ed प्रशिक्षणार्थी श्रीमती साहू आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही साथ कक्षा बारहवीं कला के छात्र छात्राओं अनीश कुमार, अभिषेक,यामिनी, रामेश्वरी, मोनिका,मनीषा, रेशमा सपना, सुहाना, गायत्री, काजल अंकिता, भूपेंद्र,सागर,छबीलाल दीप सिंह,अंकित,आशीष,कक्षा 11 वीं कला संकाय के छात्र हिमेश कुमार राठौर,संदीप कुमार राठौर, कक्षा दसवीं के छात्र राहुल पांडेय,सत्यम कुमार, नरेंद्र,राम कुर्रे यशोदा साहू, स्नेहा जोगी द्वारा कार्यक्रम में विशेष रूप से सहयोग प्रदान किया गया जिसके लिए भी हिंदी के व्याख्याता श्री प्रदीप कुमार राठौर ने विशेष आभार माना।

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बिलासपुर जिले में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 14 सितंबर को शा. उच्च.माध्य. विद्या. जरामनगर में हिंदी दिवस का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप ज्योति प्रज्वलित कर संस्था की प्राचार्य एम.मोईत्रा ने किया। माँ सरस्वती की सुंदर स्तुति कक्षा आठवीं की छात्रा भूमिका वस्त्रकार द्वारा किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम की अगली कड़ी में सभी अभ्यागतों का स्वागत पुष्पगुच्छ से विद्यार्थी द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और उन्होंने हिंदी के बारे में बहुत ही रोचक जानकारियां और हिंदी की उपयोगिता,महत्ता को अपने कविता, गीत,भाषण में शामिल किया। विद्यार्थियों ने कविता, भाषण, गीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। शिक्षकवृंद द्वारा भी हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को हिंदी के महत्व एवं उसकी उपयोगिता के बारे में बतलाया। वरिष्ठ व्याख्याता श्री मनोज कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को पुस्तकों का वाचन स्वाध्याय करने पर बल दिया जिससे उनके हिंदी शब्द भंडार और अधिक हो। हिंदी दिवस पर कार्यक्रम में सभी शिक्षकवृंद ने अपने -अपने विचार विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किए और उन्हें हिंदी के बारे में जानकारियां भी बताएं जिससे वे अधिक से अधिक अपनी भाषा का मान रख सके। विज्ञान की शिक्षिका श्रीमती चौधरी ने हिंदी के महत्व को विद्यार्थियों के समक्ष रखा और अधिक से अधिक हिंदी भाषा का प्रयोग करने पर जोर दिया । हिंदी के व्याख्याता श्रीमती डहरिया ने गीत के माध्यम से हिंदी के महत्व को सबके सामने समक्ष प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रमुख एम. मोइत्रा ने बच्चों को इस बात पर जोर दिया कि वे अपनी राजभाषा हिंदी का प्रयोग करने में गर्व करें। उन्होंने आगे कहा कि जितने भी बड़े-बड़े प्रतियोगी परीक्षाएं होती हैं उनमें साक्षात्कार हिंदी में लिए जाते हैं अतः हिंदी हमारी उन्नति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन हिंदी के व्याख्याता प्रदीप कुमार राठौर ने किया। इस अवसर पर संस्कृत के व्याख्याता श्री शिव नंदन लाल साहू,श्रीमती त्रिपाठी,श्रीमती गुप्ता,श्रीमती निराला,श्रीमती बोस, सुश्री उषा महानंद श्रीमती यादव, श्रीमती खान, श्रीमती सरिता बाला शर्मा,श्री श्याम कुमार गबेल, अर्जुन प्रसाद पांडेय, B.Ed प्रशिक्षणार्थी श्रीमती साहू आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही साथ कक्षा बारहवीं कला के छात्र छात्राओं अनीश कुमार, अभिषेक,यामिनी, रामेश्वरी, मोनिका,मनीषा, रेशमा सपना, सुहाना, गायत्री, काजल अंकिता, भूपेंद्र,सागर,छबीलाल दीप सिंह,अंकित,आशीष,कक्षा 11 वीं कला संकाय के छात्र हिमेश कुमार राठौर,संदीप कुमार राठौर, कक्षा दसवीं के छात्र राहुल पांडेय,सत्यम कुमार, नरेंद्र,राम कुर्रे यशोदा साहू, स्नेहा जोगी द्वारा कार्यक्रम में विशेष रूप से सहयोग प्रदान किया गया जिसके लिए भी हिंदी के व्याख्याता श्री प्रदीप कुमार राठौर ने विशेष आभार माना।