सड़क किनारे से मड़वारानी मंदिर को हटाने पहुंचा पुलिस बल: कोरबा में तंबू लगाकर धरने पर बैठे ग्रामीण, कहा- पहले मूर्ति दूसरी जगह स्थापित की जाए

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा मार्ग पर सड़क के किनारे सालों पहले निर्मित किए गए मां मड़वा रानी के मंदिर को हटाने का प्रयास किया गया। प्रशासन के इस प्रयास का ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया।

ग्रामीणों ने कहा है कि बिना नोटिस दिए और मंदिर में तोड़फोड़ करने क.वहीं प्रशासन के अनुसार 6 महीने से मंदिर को दूसरी जगह स्थापित करने का नोटिस संबंधित लोगों को दिया जाता रहा है। जानकारी के मुताबिक यह मंदिर नेशनल हाईवे निर्माण में बाधक बन रहा है।

यही कारण है कि प्रशासन नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अनुरोध पर मंदिर को हटाने का प्रयास कर रहा है।मंदिर के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद।

गुरुवार की सुबह ग्राम मड़वा रानी में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अचानक बढ़ती देख ग्रामीण भी सक्रिय हो गए और देखते ही देखते एक तरफ वर्दीधारी तो दूसरी तरफ ग्रामीण नजर आने लगे।मंदिर के सामने ही तंबू लगाकर विरोध ग्रामीणों को जैसे ही पता चला कि कोरबा जिला प्रशासन मां मड़वा रानी के सड़क के किनारे निर्मित मंदिर को हटाना चाहता है, इसी नियत से बड़ी संख्या में पुलिस बल भेजा गया है।

ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने मंदिर के सामने ही तंबू लगाकर विरोध शुरू कर दिया।ग्रमीणों ने मंदिर के सामने लगाय टेंट।पहले दूसरी जगह मूर्ति स्थापित किया जाए- ग्रामीण जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कर्मचारी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि बिना नोटिस दिए मंदिर को तोड़ने क्यों चले आए।

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तोड़ने से पहले कहीं और मंदिर बनाकर वहां मूर्ति स्थापित कर दी जाती, उसके बाद मंदिर का अवशेष हटाया जाता तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी।मां मड़वा रानी का मूल मंदिर पहाड़ के ऊपर है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। जो लोग पहाड़ पर चढ़ने में असमर्थ हैं या जिनके पास समय कम है, वह चांपा-कोरबा मार्ग पर बने इसी मंदिर में स्थापित मां मड़वारानी के चरणों में शीश झुका लेते हैं।

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