बिजली करंट से हाथियों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त: चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने ऊर्जा सचिव और मैनेजिंग डायरेक्टर से शपथपत्र के साथ मांगा जवाब

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर -हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर मामले की सुनवाई शुरू की है।रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के साथ ही अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में हाथियों की बिजली करंट से मौत पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई हैं।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने वन्य प्राणियों की मौत को जनहित याचिका मानकर सुनवाई.बीते दिनों धरमजयगढ़ में बिजली करंट से तीन हाथियों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में हाथी के शावक की लाश मिली थी।

इसमें भी बताया गया कि बिजली करंट से शावक की जान गई है। मीडिया में प्रकाशित इन खबरों पर हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई है। साथ ही इस लापरवाही को जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है।वन्य जीव प्रेमी ने लगाई हस्तक्षेप याचिका रायपुर के वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने भी जनहित याचिका में हस्तक्षेप याचिका दायर की है।

इसमें बताया कि बिलासपुर वन मण्डल में भी एक नवंबर को बिजली करंट से एक हाथी शावक की मौत हो गई। बिजली तार टूटने से 9 अक्टूबर को कांकेर में तीन भालू की मौत हो गई थी।

शिकार करने के लिए लगाए गए बिजली तार से कोरबा में 15 अक्टूबर को दो लोग मारे गए थे और 21 अक्टूबर को भी शिकार करने के लिए लगाए गए बिजली तार से अंबिकापुर के बसंतपुर के जंगल में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। कोर्ट ने इस हस्तक्षेप याचिका को स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षकारों को शपथ पत्र देने के आदेश दिए हैं।

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