रायपुर दक्षिण उपचुनाव…कांग्रेस संगठन तय करेगा चुनावी रणनीति: प्रत्याशी के हाथ में नहीं होगी कमान

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर दक्षिण उपचुनाव के लिए इस बार कांग्रेस नई रणनीति के तहत काम करने की तैयारी में है। उपचुनाव के प्रबंधन के साथ अभियान की कमान पूरी तरह संगठन के हाथ में रहेगी। प्रत्याशी के लिए क्षेत्र में जोरदार प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है।

आम तौर पर कांग्रेस में चुनाव के दौरान संचालन के मामले में प्रत्याशी ही हावी रहे हैं। अब तक प्रत्याशी की रणनीति के आधार पर ही संगठन की गतिविधियां चलती रही हैं।कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा।पार्षद-छाया पार्षदों को जिम्मेदारी कांग्रेस ने दक्षिण के सभी वार्ड के पार्षदों और छाया पार्षदों को बड़ी जिम्मेदारी दी है।

बैठकों में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने इन्हें अपने-अपने वार्ड से लीड दिलाने की जिम्मेदारी दी है। साथ ही निकाय चुनाव के जो दावेदार हैं, उन्हें लीड दिलाने की जिम्मेदारी दी जा रही है।निचले कैडर की मजबूती पर जोर पीसीसी ने इस बार निचले स्तर पर कैडर की मजबूती पर जोर दिया है। हालांकि 2018 के चुनाव में भी इसी तरह की एक्सरसाइज हुई थी, लेकिन टिकट वितरण के बाद ज्यादातर सीटों पर प्रत्याशी हावी रहे। वहीं, प्रत्याशियों ने अपने हिसाब से रणनीति बनाई।इस बार कांग्रेस ने पहले से ही अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाया है। संगठन का मानना है कि निचले स्तर पर गुटीय संघर्ष नहीं रहा और प्रत्याशी चयन में चूक नहीं हुई, तो हवा का रूख बदल सकता है।

संगठन तय करेगा चुनावी रणनीति उपचुनाव में कांग्रेस संगठन ही इस बार रणनीति तय करेगा। वहीं, पीसीसी के दिशा-निर्देशों के आधार पर ही प्रत्याशी समेत पदाधिकारी और कार्यकर्ता फील्ड में काम करेंगे। इधर, प्रत्याशी चयन के मामले में भी सर्वे रिपोर्ट के साथ सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से मिले सुझावों पर भी विचार किया जा सकता है।2018 में दक्षिण सीट पर सबसे कांटे की टक्कर रहीदक्षिण की सीट बनने के बाद से 2023 तक हुए चार चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हर बार बड़े अंतराल से हारे हैं।

2018 के चुनाव में कांग्रेस के कन्हैया अग्रवाल सबसे कम वोटों से हारने वाले प्रत्याशी थे। इस चुनाव में बृजमोहन की लीड महज 17496 थी।दरअसल, राज्य बनने के बाद चौथे चुनाव में भाजपा को एंटी इनकंबेंसी का सामना करना पड़ा था। बृजमोहन किसी तरह रायपुर की यह सीट बचाने में कामयाब हो पाए थे।

इसके बाद 2023 के चुनाव में बृजमोहन ने कांग्रेस के डॉ. महंत रामसुंदर दास को सबसे ज्यादा 67 हजार से अधिक वोटों से हराया।आकाश शर्मा हैं कांग्रेस के प्रत्याशी रायपुर दक्षिण उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने आकाश शर्मा को टिकट दिया है। आकाश शर्मा वर्तमान में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के सुनील सोनी से होगा। रायपुर दक्षिण विधानसभा में 13 नवंबर को वोटिंग होगी और 23 नवंबर को मतगणना होगी।

रायपुर दक्षिण सीट भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई है। 2023 के विधानसभा चुनाव में भी आकाश शर्मा ने दावेदारी की थी लेकिन महंत रामसुंदर दास को टिकट दिया गया था।

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