गैंगस्टर अमन साव रायपुर कोर्ट में पेश

राजेन्द्र देवांगन
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तेलीबांधा गोलीकांड मामले में पुलिस हिरासत में लेकर करना चाहती है पूछताछ

रायपुर जेल में बंद गैंगस्टर अमन साव को रायपुर पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची है। दरअसल तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुए गोली कांड को लेकर तेलीबांधा पुलिस अमन से पूछताछ करना चाहती है जिसके लिए पुलिस हिरासत की मांग करेगी।.मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच गैंगस्टर अमन साव को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लेकर टीम रायपुर कोर्ट पहुंची है। कोर्ट में पुलिस की ओर से रिमांड लेने को लेकर आवेदन भी पेश किया गया है। जहां रिमांड लेने को लेकर सुनवाई होगी।

जेल से ही गैंग ऑपरेट का मिला इनपुटरायपुर पुलिस को इनपुट मिला है कि जेल से ऑपरेट बंद के मुताबिक,जेल से ही गैंगस्टर अमन सोशल मीडिया ऐप के जरिए अपने गुर्गों को डायरेक्शन देता है। अमन पर झारखंड की जेल में बैठकर रायपुर के कारोबारियों पर भी गोली चलवाने का आरोप है। इसी मामले में पुलिस अमन से पूछताछ करना चाहती है।

14 अक्टूबर को रायपुर लाई थी पुलिस40 पुलिसकर्मियों की टीम अमन साव को झारखंड से प्रोडक्शन वारंट पर 14 अक्टूबर को रायपुर लेकर आई थी। कारोबारी प्रह्लाद राय अग्रवाल की कार पर फायरिंग केस में अमन साव मुख्य आरोपी है। 13 जुलाई को अमन के गुर्गों ने फायरिंग की थी।इस गोलीकांड में अमन साव के अलावा लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी सामने आया था।

रायपुर के तेलीबांधा इलाके में PRA कंस्ट्रक्शन नाम से ऑफिस है जहां फायरिंग हुई थी। इसके बाद से अमन को रायपुर लाने की तैयारी चल रही थी।पांचवीं बार में मिली सफलताअमन साव को रायपुर प्रोडक्शन वारंट में लाने पर रायपुर पुलिस को पांचवीं बार में सफलता मिली है। इससे पहले चार बार रायपुर पुलिस के अधिकारी प्रोटेक्शन वारंट पर रायपुर लाने की मांग कर चुके थे, लेकिन हर बार उनकी मांग को नकार दिया जाता था।

झारखंड के कई जिलों में फैला है साव गैंग का नेटवर्करिपोर्ट्स के अनुसार, अमन साहू के गिरोह के पास एडवांस हथियार हैं। अमन साव का नेटवर्क धनबाद, रांची, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, बोकारो जैसे झारखंड के तमाम जिलों में फैला हुआ है। साव के रडार पर कोल माइनिंग कंपनियां, कोयला व्यवसायी और ट्रांसपोर्ट फील्ड के बिजनेसमैन रहते हैं।9 मई 2023 को एनटीपीसी कोल परियोजना की आउटसोर्स कंपनी ‘ऋत्विक’ के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर शरद कुमार की हत्या भी अमन साव ने कराई थी।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, शरद कुमार से 60 करोड़ की रंगदारी की मांग की गई थी। मांग पूरी नहीं करने पर हत्या कर दी गई। इसके अलावा गिरिडीह जेल के जेलर पर फायरिंग के आरोप भी अमन साव पर लगे थे।लेवी-रंगदारी के लिए कुख्यात, बिश्नोई से संबंधअमन साव गिरोह के कई सदस्य कोयला कारोबारियों, बिल्डरों, ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहे हैं। अमन खुद भी खुलासा कर चुका है कि उसका लॉरेंस बिश्नोई से संबंध है।

झारखंड और रायपुर पुलिस के अलावा अमन साव गिरोह के खिलाफ एनआईए भी जांच कर रही है।साव गैंग में 145 गुर्गे, 250 से अधिक हथियार9 महीने पहले CID ने ATS को जो रिपोर्ट सौंपी थी उसके अनुसार अमन साव के गिरोह में 145 गुर्गे हैं। इनमें 99 जेल से बाहर हैं।

अमन के जेल जाने के बाद गैंग को मयंक सिंह अमन के ही गाइडेंस पर चला रहा है।मयंक मूल रूप से यूपी के देवरिया का रहने वाला है। इस गैंग के पास 5 एके-47 सहित 250 से ज्यादा हथियार हैं। अमन साव गिरोह के पास 250 से अधिक हथियार हैं। जिसमें 9 कार्बाइन, 70 देसी कट्टा और 166 पिस्टल हैं। ये आंकड़े और भी ज्यादा हो सकते हैं।

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