फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिये वर्षों से नौकरी कर रहे वन विभाग के दो अफसरों के खिलाफ कार्रवाई

राजेन्द्र देवांगन
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दंतेवाड़ा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिये वर्षों से नौकरी कर रहे वन विभाग के दो अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों गीदम रेंजर सुखदास नाग और बारसूर रेंज में पदस्थ डिप्टी रेंजर मोहनदास मानिकपुरी से सारे कार्यभार लेकर उन्हें डीएफओ ऑफिस अटैच कर दिया गया है।

पीसीसीएफ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उच्च स्तरीय छानबीन समिति आदिम जाति एवं अनुसंधान रायपुर द्वारा जाति प्रमाण पत्र की जांच में सुखदेव नाग की माहरा जाति(अनुसूचित जाति) को विधिसंगत नहीं पाये जाने के कारण निरस्त किया जाता है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध रेंजर ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। मामले में उच्च न्यायालय के फैसले तक सेवा समाप्ति किये जाने का कदम नहीं उठाया

जाएगा।
इसी तरह से उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा डिप्टी रेंजर मोहनदास मानिकपुरी जाति प्रमाणपत्र भी फर्जी पाया गया है। सुखदेव नाग की तरह मानिकपुरी ने भी उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा पारित आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में भी उच्च न्यायालय का फैसला आने तक उनके खिलाफ भी सेवा समाप्ति नहीं किये जाने का निर्णय वन विभाग द्वारा लिया गया है।

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