बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बेटे जीशान को मिली थी धमकी, पिता-बेटे दोनों निशाने पर थे

राजेन्द्र देवांगन
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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड

मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि शनिवार की रात मुंबई के खेर वाड़ी के खेर नगर में बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में लॉरेंश बिश्नोई गैंग की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इस बीच अब मुंबई पुलिस ने इस केस को लेकर बड़ी खुलासा किया है। पुलिस ने बताया है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या से पहले उनके बेटे जीशान सिद्दीकी को धमकी मिली थी।

जीशान और बाबा सिद्दीकी दोनों को मारने की सुपारी

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड को लेकर मुंबई पुलिस ने अहम जानकारियां साझा की हैं। पुलिस ने बताया है कि घटना से कुछ दिन पहले बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को धमकी मिली थी। हत्या के आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि जीशान सिद्दीकी और बाबा सिद्दीकी दोनों ही उनके निशाने पर थे। आरोपियों को आदेश दिया गया था कि दोनों में से जो भी मिले उस पर गोली चला दें। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के निशाने पर जीशान सिद्दीकी भी थे। आरोपियों को जीशान और बाबा सिद्दीकी दोनों को मारने की सुपारी दी गई थी।

अंदरूनी लोगों ने दी सिद्दीकी की जानकारी

पुलिस को शक है कि हमलावरों को जीशान और उसके पिता दोनों को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन घटना के दिन जीशान अपने पिता के आने से कुछ मिनट पहले ही ऑफिस से निकल गया था। पुलिस को संदेह है कि कुछ अंदरूनी लोगों ने सिद्दीकी की जानकारी हमलावरों को दी थी, जिससे वे खेरवाडी जंक्शन पर समय पर पहुंच गए। बाबा सिद्दीकी और उनके बेटे जीशान से जुड़े स्थानों की रेकी करने के लिए हमलावर रोज बांद्रा आते थे, ज्यादातर ऑटो रिक्शा का उपयोग करके।

आरोपियों के पास पाए गए कुछ इन्फॉर्मेशन की वजह से पुलिस को शक है कि उन्हें बाबा सिद्दीकी और जीशान दोनों की हत्या का काम सौंपा गया था। घटना के दिन, बाबा सिद्दीकी और उनके बेटे दोनों एक ही स्थान पर थे, और आरोपियों को किसी तरह से इसकी जानकारी मिल गई । सूत्रों का यह भी कहना है कि कोई अंदरूनी व्यक्ति बाबा सिद्दीकी और जीशान के बारे में जानकारी दे रहा था,

कैसे हुई हत्या?

दरअसल, बाबा सिद्दीकी उस दिन अपने बेटे ज़ीशान के कार्यालय में गए थे, जो उनकी नियमित दिनचर्या का हिस्सा नहीं था। वे गरबा आयोजन में भाग लेने के बाद अपने बेटे के दफ्तर गए थे, और ज़ीशान के बारे में पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें बताया गया कि ज़ीशान कुछ मिनट पहले काम के सिलसिले में चले गए थे। जब बाबा सिद्दीकी अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे, तो कथित तौर पर हमलावरों ने आंसू गैस जैसा पदार्थ इस्तेमाल किया। इसके बाद, फरार चल रहे आरोपी शिवकुमार गौतम ने 9 एमएम पिस्तौल से छह गोलियां चलाईं और भाग गया। सूत्रों के अनुसार, अन्य दो आरोपियों ने गोली नहीं चलाई, लेकिन उनके पास पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस थे।

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