महिला आयोग अध्यक्ष ने महिला उत्पीड़न संबंधित प्रकरणों पर की जनसुनवाई..

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

गरियाबंद । आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, द्वारा आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष गरियाबंद में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जनसुनवाई की गई। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 276वीं जनसुनवाई हुई। जिला स्तर में छठवीं सुनवाई हुई। गरियाबंद जिला के आज जनसुनवाई में कुल 18 प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे। कार्यवाही में श्री दीपक कुमार अग्रवाल कलेक्टर गरियाबंद उपस्थित रहे।

आज के सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया अनावेदक जेल मे हैं। आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ दिनांक 8 अगस्त 2024 को थाना देवभोग में धारा 376 (2) एन 376(3) लैगिंक अपराध बालको के संरक्षण अधिनियम की धारा 4 व 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जिसका चालान अभी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हुआ है। आवेदिका उड़िसा की निवासी है।

उसे गरियाबंद न्यायालय में सुनवाई के लिये आना जाना पड़ेगा और उनके कम उम्र एवं आर्थिक स्थिति को देखते हुए सुनवाई के दौरान उसे सखी सेंटर में रूकने की व्यवस्था दिये जाने हेतु संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया गया वह थाना देवभोग से चालान मिलने व न्यायालय में प्रकरण दर्ज होने की जानकारी लेकर रखेगी और आवेदिका की सहयोग करेगी।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अपने केस से बचने के लिये थाना देवभोग के खिलाफ शिकायत प्रस्तुत किया था। उसके पति आवेदिका के घर से 5 बाईक चोरी कियाथा और उसके बेटे के साथ मारपीट किया गया था। जिसके लिए उसने आयोग मे शिकायत किया अनावेदक पक्ष ने दस्तावेज प्रस्तुत किया था। आवेदिका उसके पति ने मान उच्च न्यायालय बिलासपुर के याचिका प्रस्तुत किया WPCR 242/2024 जिसे मान. मुख्य न्यायाधीश दिनांक 24.07.2024 को खरीज कर दिया और उसमें आवेदिका और उसके पति के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया है। मान, उच्च न्यायालय बिलासुपर के निर्देश के बाद आयोग मे इस प्रकरण का सुने जाने का औचित्य नही रहता है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक क्र. 1 के साथ बिना शादी किये एक साथ 3 साल तक रह रहे थे। अनावेदक आवेदिका को छोड़कर भाग गया था। वर्तमान मे आवेदिका ने अन्य व्यक्ति से विवाह कर लिया गया है। ऐसी दशा में इस प्रकरण को आयोग मे सुने जाने योग्य कोई औचित्य नहीं है। आवेदिका चाही तो अपने पैसे की वसुली के लिए दिवानी न्यायालय मे प्रकरण दर्ज करा सकती है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ शिकायत किया था कि उनका फोटो विडियो वायरल किया था। दस्तावेज देखे जाने पर यह स्पष्ट है कि आवेदिका ने स्वीकार किया था कि उसका पैसा पैसा गिनते हुए फोटो है, पर वह फोटो रिश्वत के पैसे गिनने का नही है। आयोग के सुनवाई में थाना कोतवाली गरियाबंद ने बताया कि आवेदिका ने लिखित आवेदन दिया है कि वह अनावेदक के खिलाफ कोई कार्यवाही नही चाहती है। जिसकी प्रति आयोग में प्रस्तुत किया। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने आवेदन प्रस्तुत किया है कि वह अपने प्रकरण पर कार्यवाही नहीं चाहती है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि थाने में उभयपक्ष के बीच सुलहनामा हो गया है। आयोग से राजीनामा होना चाहते है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

आज के सुनवाई के दौरान कुल 18 प्रकरणों में से 12 नस्तीबद्ध, 3 रायपुर स्थानांतरण, 1 प्रकरण जिला संरक्षण अधिकारी को सौपा गया एवं 02 प्रकरण में उभयपक्ष अनुपस्थित रहे।

Share This Article