छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करो की बड़ी कार्यवाही 

राजेन्द्र देवांगन
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रायगढ़। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के मामले लगातार बढ़ने लगे हैं। प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश की पुलिस भी सक्रिय हो गई है। मादक पदार्थ के तस्करों के खिलाफ लगातार कारवाई की जा रही है। इसी कड़ी में एक बार फिर गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। वहीं, इस मामले में कुल तीन आरोपी गिरफ्तार भी किए गए हैं।मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी ओडिशा से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई करते थे।

पुलिस ने आरोपियों से दो कार, 6 मोबाइल सहित कुल 17 लाख की संपत्ति जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने सप्लाई चेन को भी ध्वस्त कर दिया है। बता दें कि गांजा तस्करों के खिलाफ 3 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। वहीं, 3 दिन के भीतर आठ आरोपी पकड़े जा चुके।

बता दें कि बिलासपुर रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला एवं एसपी दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन पर बीते 28 अगस्त को जूटमिल पुलिस द्वारा कोड़ातराई के पास गांजा रेड की बड़ी कार्रवाई कर एक महिला समेत 05 आरोपी को पकड़ा गया था, जिनसे 175 किलो गांजा, एक अल्टो कार और एक छोटा हाथी पिकअप वाहन (कुल 43 लाख रूपये की संपत्ति) जप्त किया गया था, गिरफ्तार मुख्य आरोपी संतराम खुंटे सक्ती और इनके साथियों से कड़ी पूछताछ की गई।

गिरोह के नेटवर्क और कार्यप्रणाली की जानकारी जुटाने के बाद रायगढ़ पुलिस एवं बिलासपुर पुलिस की 5 अलग अलग विशेष टीम बनाई गई और विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर इस संपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त किया। आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने के साथ ही अवैध कारोबार से प्राप्त संपत्ति भी जब्त कर ली गई है।

पूछताछ में पता चला की मुख्य सरगना भागवत साहू पिछले कई वर्षों से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था। गिरोह के सदस्य ओडिशा से गांजा खरीदकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई करते थे। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि गिरोह ओडिशा के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध गांजा उत्पादन करता था और उसे विभिन्न राज्यों में बेचता था।

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