छत्तीसगढ़ में पढ़ने वाले बच्चों पर रहेगी अब शासन की सीधी नजर ; राजधानी रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित…

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए राजधानी रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य में एक और बड़ी पहल की गई है, जिसमें स्कूलों के साथ उनमें पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन पर भी अब सीधी नजर रखी जाएगी। सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्प का विकास तथा कॉल सेंटर के माध्यम से मॉनिटरिंग आई.आई.टी. भिलाई के सहयोग से किया जा रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की ऑनलाईन मॉनिटरिंग एवं आंकड़ों के विश्लेषण करने के लिए रायपुर स्थित पेंशन बाड़ा में विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से शासन की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू एवं मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी। स्कूल और उनमें पढ़ने वाले एक-एक बच्चों के प्रदर्शन का रीयल टाइम ब्यौरा मुहैया कराएगा। विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना से शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं सुविधाओं को विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों तक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। शालाओं में मूलभूत संरचनाओं की उपलब्धता, मरम्मत, उपयोगिता आदि की सतत् मॉनिटरिंग की जायेगी ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उचित एवं पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सके तथा बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके। इसके द्वारा शिक्षकों की पदस्थापना से सबंधित जानकारियों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।

विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत शिक्षकों का विवरण, यूडाइस डाटा, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक प्रशिक्षण से सबंधित मॉनिटरिंग, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, अधिकारियों के द्वारा शालाओं का निरीक्षण, विद्यार्थियों का मूल्यांकन आदि तथा केन्द्र सरकार से सबद्ध शैक्षिक योजनाओं की नियमित आनलाइन मानिटरिंग की जायेगी। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु साफ्टवेयर एवं एप्प भी तैयार किया जा रहे हैं। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु काल सेंटर स्थापित किया गया है। विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों की शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिये एक टोल-फ्री नम्बर भी जारी किया जायेगा।

स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ जैसे शाला भवन, शौचालय, विद्युत् व्यवस्था आदि उपलब्ध है अथवा नहीं है, के सबंध में एआई आधारित माड्यूल के उपयोग से जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्राप्त जानकारियों की सूची के साथ की सहायता से स्कूलों का चिन्हांकन भी किया जा रहा है। एआई के उपयोग से ही बच्चों को दी जाने वाली मध्यान्ह भोजन की जानकारी प्राप्त की जा रही है। एआई के माध्यम से ही मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत बच्चों को परोसी जानी वाली सामग्रियों की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जायेगा जिससे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग से शिक्षकों के डाटा के विश्लेषण की सुविधा भी विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत तैयार की गई है। विषयवार शिक्षकों की जानकारी, अतिशेष शिक्षकों की जानकारी, एकल शिक्षकों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। भविष्य में एआई के उपयोग से विद्यार्थियों के अकादमिक आंकलन/मूल्यांकन का विश्लेषण किया जायेगा जिससे कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा सकेगा। शाला में उपलब्ध सुविधाएँ, शिक्षकों की जानकारी तथा विद्यार्थियों के अकादमिक गतिविधियों के आंकड़े के आधार पर एआई आधारित विश्लेषण किया जायेगा। प्राप्त जानकारी एवं विभिन्न पैरामीटर के आधार पर शालाओं की रैंकिंग की जाएगी।

स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ जैसे शाला भवन, शौचालय, विद्युत् व्यवस्था आदि उपलब्ध है अथवा नहीं है, के सबंध में एआई आधारित माड्यूल के उपयोग से जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्राप्त जानकारियों की सूची के साथ की सहायता से स्कूलों का चिन्हांकन भी किया जा रहा है। एआई के उपयोग से ही बच्चों को दी जाने वाली मध्यान्ह भोजन की जानकारी प्राप्त की जा रही है। एआई के माध्यम से ही मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत बच्चों को परोसी जानी वाली सामग्रियों की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जायेगा जिससे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग से शिक्षकों के डाटा के विश्लेषण की सुविधा भी विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत तैयार की गई है। विषयवार शिक्षकों की जानकारी, अतिशेष शिक्षकों की जानकारी, एकल शिक्षकों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। भविष्य में एआई के उपयोग से विद्यार्थियों के अकादमिक आंकलन/मूल्यांकन का विश्लेषण किया जायेगा जिससे कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा सकेगा। शाला में उपलब्ध सुविधाएँ, शिक्षकों की जानकारी तथा विद्यार्थियों के अकादमिक गतिविधियों के आंकड़े के आधार पर एआई आधारित विश्लेषण किया जायेगा। प्राप्त जानकारी एवं विभिन्न पैरामीटर के आधार पर शालाओं की रैंकिंग की जाएगी।

    मोहम्मद रज्जब बिलासपुर 9755114786

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