धान खरीदी के बाद यहां धान उठाओ के लिए कोई ट्रांसपोर्टर नियुक्त किया गया है, ना ही यहां ट्रांसपोर्टिंग के लिए अब तक निविदा डाली गई है,

राजेन्द्र देवांगन
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इस साल भी हजारो लाखों टन धान सड़ने का अनुमान
शहर के भीतर 5संग्रहण केंद्र होने के बावजूद 25km दूरी पर पुराना केंद्र खोला जा रहा
प्रदेश में धान खरीदी शुरू हो चुकी है। बिलासपुर जिले में भी अव्यवस्था के बीच धान खरीदी चालू है।
जिले में काफी अव्यवस्था के बीच यहां खरीदी के बाद ना ही यहां धान उठाओ के लिए कोई ट्रांसपोर्टर नियुक्त किया गया है, ना ही यहां ट्रांसपोर्टिंग के लिए अब तक निविदा डाली गई है,

ना बारदाना भेज पाया गया है! और ना ही बारदाना का कोई टेंडर डाला गया है, ना ही कोई व्यवस्था बनाई गई है।
यहां तक धान रखने की कोई व्यवस्था भी नहीं है।
स्थानीय संवाददाता के अनुसार यहाँ एक ऐसे धान संग्रहण केंद्र को खोला जा रहा है जो पांच साल पहले सरकार द्वारा बंद किया जा चुका था। यहां हजारों लाखों टन धान सड़ चुका था यह एक ऐसी जगह है जहां धान रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। जो शहर से 25 किलोमीटर की दूरी पर है।
जब धान को कोई ट्रांसपोर्टर ढोयेगा तो शासन को लाखों करोड़ों का अलग से भार भी पड़ेगा और ट्रांसपोर्टर को फायदा।।

ज्ञात हो कि बिलासपुर शहर के अंदर ही पांच संग्रहण केंद्र मौजूद है उसमें धान रखने की व्यवस्था सब खेल डीएमओ गजेन्द्र राठौर की देखरेख पर हो रहा है। वह अपने खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ही कर रहे हैं!
आज वर्तमान तक कोई व्यवस्था नहीं किया गया है।
ज्ञात हो पिछले साल हुए नुक्सान की खबर चलाई थी। जिस पर शासन ने त्वरित कार्रवाई किया था पिछले वर्ष भी हजारों लाखों टन धान जिले के संग्रहण केंद्रों पर सड़ चुका था।
जब मीडिया कर्मियों द्वारा डीएमओ श्री राठौड़ से धान संग्रहण केंद्रों की जानकारी मांगी गई तो वे आग बबूला हो गए, नाराज हो गए और अपने केबिन से बाहर चले गए और कोई जानकारी भी नहीं दिया गया और न ही कोई योजना के बारे में बताया गया।
ज्ञात हो कि डी एम ओ श्री राठौर इसके पूर्व मुंगेली और कवर्धा में भी पदस्थ रहे और काफी विवादों में भी रहे! वे अपने आप को बड़े रसूखदार प्रभावशाली समझते हैं!
ज्ञात हो कि बिलासपुर मार्कफेड डीएमओ ए क्लास सिटी है बावजूद इसके डीएमओ राठौर सहायक होते हुए भी इस पद पर बैठाया गया है। जिससे भ्रष्टाचार होने की पूरी पूरी संभावना है! बिलासपुर मार्कफेड का रिकॉर्ड रहा है कि यहां सहायक को इस पद पर पदस्थ नहीं किया जाता!

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