E-Challan: ई-चालान की लिंक मिलते ही क्लिक न करें, साइबर फ्रॉड का हो सकते हैं शिकार… अधिकारियों ने बताया बचने का तरीका

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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साइबर फ्रॉड करने वाले नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में फर्जी ई-चालान से ठगी की कोशिश के मामले सामने आए हैं। इसके बाद ट्रैफिक विभाग ने लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।

बिलासपुर। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों के मोबाइल पर ई-चालान भेजा जाता है, लेकिन साइबर फ्रॉड करने वालों ने इसके जरिए भी धोखाधड़ी का रास्ता निकाल लिया है। इसलिए जब भी मोबाइल पर ई-चालान की लिंक आए, उस पर हड़बड़ी में क्लिक न करें।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद अधिकारियों ने बताया है कि लोगों को क्या सावधानी बरतना चाहिए। अधिकारियों के अनुसार,

ई-चालान का मैसेज ट्रैफिक विभाग के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भेजा जाता है। अब साइबर ठग भी ऐसे ई-चालान की हूबहू फर्जी लिंक बनाकर लोगों को भेज रहे हैं।

ई-चालान मिले, तो सबसे पहले करें यह काम

  • कोई भी ई-चालान मिलने पर सबसे पहले लिंक को ठीक से देखें।
  • लिंक में जीओवी डॉट इन (gov.in) दिखाई दे, तो ही क्लिक करें।
  • क्लिक करने पर बिना किसी जोखिम के ऑनलाइन चालान भर सकेंगे।
  • यदि फिर भी कोई आशंका है कि थाने में पहुंच कर पुष्टि कर सकते हैं।
  • लोगों को मिल रहे फर्जी ई-चालान, असली-नकली में बहुत कम फर्क

ऐसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर समेत अन्य स्थानों पर लोगों के मोबाइल पर फर्जी ई-चालान भेजने की घटनाएं सामने आ रही हैं। यातायात थाने पहुंचकर कुछ लोगों ने ई-चालान भरने का प्रयास किया, तो पता चला कि पुलिस ने उन्हें चालान भेजा ही नहीं था। वेबसाइट चेक करने पर पता चला कि गवर्नमेंट की वेबसाइट और ठगों द्वारा बनाए गए फर्जी वेबसाइट में मामूली सा अंतर है।

अधिकारी भी रह गए हैरान

ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को जब पता चला कि साइबर ठग ई-चालान की हूबहू नकल कर ठगी का प्रयास कर रहे हैं, तो वे भी हैरान रह गए। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ई-चालान आने पर पहले यह पुष्टि कर लें कि उनके पास पहुंचा ई-चालान भेजने वाली संस्था गवर्नमेंट की है या फिर साइबर ठग फर्जी ई-चालान भेज कर ठगी कर रहे हैं।

असली व फर्जी ई-चालान में ऐसे करें फर्क

  • असली: ट्रैफिक विभाग की वेबसाइट से तैयार ई-चालान में https// echalan.parivahan.gov.in/ लिंक दिया गया होता है। इस लिंक पर क्लिक करते ही ई-चालान दिखाने लगता है।
  • नकली: इसी की हूबहू नकल कर साइबर ठगों ने https//echalan.parivahan.in/ नामक फर्जी वेबसाइट बना कर लोंगो को फर्जी मैसेज भेजना शुरू किया है।
  • ई-चालान की कॉपी कर साइबर ठग मिलती-जुलती वेबसाइट का लिंक तैयार कर लोगों को भेज रहे हैं। इससे ठगी की आशंका बनी हुई है। जिनके पास भी ई-चालान पहुंचे, वो एक बार यातायात थाना पहुंच कर कंफर्म कर लें या जीओवी डाट काम (gov.com) देखने के बाद ही ऑनलाइन पेमेंट करें। – नीरज चंद्राकर, एएसपी यातायात

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