महादेव सट्टा एप में ACB की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार, सैकड़ों मोबाइल और सिम जप्त

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप से जुड़े बड़े मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। देश के विभिन्न राज्यों में एक साथ छापामार कार्रवाई करते हुए ब्यूरो ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से सौ से अधिक मोबाइल फोन और 500 से अधिक सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। सभी सिम एक्टिवेटेड थे और देश भर में चल रहे करीब 500 पैनलों से जुड़े हुए थे।

ब्यूरो को महादेव बुक मामले में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी कि देश भर में सक्रिय पैनलों से जुड़े व्हाट्सएप नंबरों को अलग-अलग राज्यों में सेंटर बनाकर संचालित किया जा रहा है। इन सेंटरों को “ओटीपी सेंटर” के नाम से जाना जाता है, जहां फिजिकल सिम कार्डों को रिचार्ज करने और ओटीपी प्राप्त करने के लिए रखा जाता था। वहीं, इन व्हाट्सएप नंबरों का संचालन दुबई स्थित हेड ऑफिस से किया जा रहा था। इन नंबरों को महादेव बुक से जुड़े विभिन्न प्लेटफार्मों जैसे रेड्डी अन्ना, फेयर प्ले, लोटस, लॉयन बुक, डायमंड बुक, सीबीटीएफ बुक, अंबानी बुक आदि के कस्टमर केयर नंबर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

जब कोई इन नंबरों पर मैसेज भेजता था, तो उसे ऑटो-जनरेटेड मैसेज प्राप्त होते थे, जिनमें यह जानकारी होती थी कि किस अकाउंट में पैसे जमा करने हैं और सट्टा खेलने के लिए आईडी कैसे प्राप्त होगी।

ब्यूरो ने इस जानकारी के आधार पर चार राज्यों—बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, और छत्तीसगढ़—के दर्जनभर से अधिक सेंटरों पर एक साथ छापामारी की। इस कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों अतुल सिंह परिहार (निवासी भिलाई), विश्वजीत राय चौधरी (निवासी भिलाई), और भारत ज्योति पाण्डेय (निवासी मंगीतपुर, जिला रोहतास, बिहार) को गिरफ्तार किया गया।

इन आरोपियों से 100 से अधिक मोबाइल फोन, लैपटॉप, और 500 से अधिक सिम कार्ड जप्त किए गए। आरोपियों ने ऊंची कमीशन पर कॉर्पोरेट बैंक खातों का उपयोग किया था, जिनमें अनलिमिटेड यूपीआई पेमेंट की सुविधा होती है। यह महादेव बुक के खिलाफ की गई इस प्रकार की पहली बड़ी कार्रवाई है।

गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे पूछताछ के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

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