निःशुल्क परिवहन सेवा मिलने से खुश हुए परीक्षार्थी निश्चिंत हो दी नीट की परीक्षा

राजेन्द्र देवांगन
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13-सितम्बर,2020

बिलासपुर-(सवितर्क न्यूज़) अम्बिकापुर की विजया कुसुम शायद 350 किलोमीटर की दूरी तय कर आज सुबह नीट की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाती। यह संभव हो पाया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर इन परीक्षार्थियों के लिये उपलब्ध कराई गई निःशुल्क परिवहन सेवा से जिसका लाभ आज सैकड़ों विद्यार्थियों ने उठाया।
कोरोना संकट के काल में नीट की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को आज अपने परीक्षा केन्द्र तक आने-जाने के लिये चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ी। बिलासपुर में जिला प्रशासन द्वारा उनके लिये बसों की व्यवस्था की गई थी। यहां से 35 विद्यार्थियों को गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले में बनाये गये परीक्षा केन्द्र में पहुंचाने व लाने के लिये तीन बसों की व्यवस्था की गई तथा प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय में भी बिलासपुर जिला मुख्यालय के परीक्षा केन्द्रों में लाने के लिये दो-दो बसों की व्यवस्था की गई। सभी बसों में कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।

कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में आज प्रातः राजेन्द्र नगर स्कूल से तीन वाहन गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के मां कल्याणिका पब्लिक स्कूल मंडना तहसील गौरेला और डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल सारबहरा गौरेला में बनाये गये नीट के परीक्षा केन्द्रों में पहुंचाने के लिये 35 बच्चों को रवाना किया गया। परीक्षार्थियों के साथ उनके पालकों को भी वाहन में निःशुल्क आने-जाने की सुविधा दी गई।
इनमें से एक अम्बिकापुर की छात्रा विजया कुसुम भी थीं, जिसे शासन की व्यवस्था से बड़ी सुविधा हुई। उसका परीक्षा केन्द्र लगभग 350 किलोमीटर दूर मंडना में था। विजया कुसुम ने बताया कि वह शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई बस की सुविधा से अपने पालक के साथ अम्बिकापुर से रात में ही बिलासपुर पहुंचकर रुक गई थी। यहां से भी आगे परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने में उसे कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि सुबह उसके लिये बिलासपुर से शासन की ओर से ही बस उपलब्ध थी।
मूल रूप से सारंगढ़ के रहने वाले अवल किशोर वसंत को प्रतिभावान होने के कारण शासन की ओर से पढ़ाई व कोचिंग की सुविधा दी गई है। एक मजदूर के बेटे नवल किशोर के कहा कि शासन की ओर से पढ़ाई के लिये निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था नहीं की गई होती तो वह नीट परीक्षा में शामिल होने की कल्पना नहीं कर सकता था। जब उसे पता चला कि उसे परीक्षा देने के लिये लगभग 125 किलोमीटर दूर सारबहरा जाना है तो पहले वह चिंतित उठा, क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण परिवहन व्यवस्था भी सामान्य नहीं हो पाई है। इसी बीच उसे उनके टीचर और अखबारों से जब जानकारी मिली कि शासन की ओर से परीक्षा केन्द्र आने-जाने की निःशुल्क व्यवस्था की गई है तो उसे बड़ी खुशी हुई और वह निश्चिन्त होकर परीक्षा की तैयारी में लग गया। दोनों विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार माना।
देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिये नीट की संयुक्त प्रवेश परीक्षा आज आयोजित की गई थी। 11 हजार 170 परीक्षार्थियों के लिये बिलासपुर जिले में 31 व गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले में 2 परीक्षा केन्द्र बनाये गये थे। दोनों जिलों के परीक्षा केन्द्रों में 8817 परीक्षार्थी शामिल हुए।

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