मुख्यमंत्री ने मलेरिया और डायरिया से निपटने के दिए निर्देश

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर, 21 जुलाई 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने मलेरिया और डायरिया से निपटने के लिए जिला प्रशासन को हरसंभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने रविवार के अवकाश के दिन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली और जिले में मलेरिया और डायरिया की स्थिति की समीक्षा की।

तात्कालिक उपाय और समन्वय

कलेक्टर ने अधिकारियों से बातचीत कर बीमारी के फैलने के कारणों और परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने पेयजल के सभी स्रोतों को अगले दो दिनों में क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, गांवों की सभी बोरिंग पर प्लेटफार्म बनाने के लिए कहा, जो जिला पंचायत द्वारा किसी भी मद से अगले 15 दिनों में बनाए जाएंगे। उन्होंने सभी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को अपने मुख्यालय में रहकर ईमानदारी से ड्यूटी करने की सख्त हिदायत दी। दवा और बेड की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने का आश्वासन भी दिया गया।

एसडीएम को दी गई जिम्मेदारी

मलेरिया और डायरिया की रोकथाम के लिए संबंधित एसडीएम को संपूर्ण प्रयास और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। रतनपुर सहित अन्य स्थानों पर पानी आपूर्ति की फटी पाइपों को बदलने के निर्देश भी दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाएगी। लोगों को बीमारी के असल कारण समझाने और पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

व्यापक समीक्षा और भविष्य की योजना

कलेक्टर ने पिछले 10 साल में हुए आउटब्रेक की जानकारी दी और प्रभावित ग्रामों का निरीक्षण करने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने के लिए कहा। सीएचसी और पीएचसी में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि अस्थायी अस्पतालों के लिए आश्रम और छात्रवासों का उपयोग किया जा सकता है।

जागरूकता और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका

कलेक्टर ने जोर दिया कि तात्कालिक नियंत्रण के बाद भी अगले दो-तीन महीने तक इसी जोश के साथ काम करना होगा। छुट्टी पर गए स्वास्थ्य कर्मियों को वापस बुलाया जाएगा। मलेरिया और डायरिया के नोडल अधिकारियों ने बताया कि इलाज के लिए जरूरी दवाइयां और इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। नगर निगम को फॉगिंग केमिकल्स भी उपलब्ध कराए गए हैं।

झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्ती

कलेक्टर ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया और उनके क्लीनिक व दुकान बंद कराने के निर्देश दिए।

समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग

कलेक्टर की अपील पर रतनपुर महामाया ट्रस्ट बीमार मरीजों को खिचड़ी व भोजन उपलब्ध करा रहा है। नेमीचंद जैन ट्रस्ट ने 200 मच्छरदानी उपलब्ध कराने का वादा किया है। जिला पंचायत सीईओ श्री राम प्रसाद चौहान ने बताया कि जिले के सभी 668 गांवों में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

नगर निगम की पहल

नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में पांच और आउटर में तीन संवेदनशील केंद्र पहचान किए गए हैं। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को एक और मोबाइल मेडिकल यूनिट खूंटाघाट के आसपास गांवों के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।

निजी अस्पतालों का सहयोग

कलेक्टर ने निजी अस्पतालों और आईएमए से सहयोग की अपील की है और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में इलाज और शिविर लगाने का दायित्व सौंपा है। सीएमएचओ को उनसे बात करने के लिए अधिकृत किया गया है।

बैठक में शामिल अधिकारी

बैठक में सीएमएचओ डॉ. प्रभात श्रीवास्तव, मलेरिया के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव, डायरिया के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी और डीपीएम पीयूली मजूमदार ने अपने विचार रखे।

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