चुनावी बॉन्ड: चुनाव आयोग ने SBI से मिले नए आंकड़ों-सूचनाओं को सार्वजनिक किया; यहां देखिए बॉन्ड से जुड़ी डिटेल..!

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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चुनावी बॉन्ड: चुनाव आयोग ने SBI से मिले नए आंकड़ों-सूचनाओं को सार्वजनिक किया; यहां देखिए बॉन्ड से जुड़ी डिटेल..!
इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े डेटा को चुनाव आयोग ने एक बार फिर आम जनता के सामने पेश कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से मिले नए आंकड़ों-सूचनाओं को सार्वजनिक कर आयोग ने बताया कि वेबसाइट पर बॉन्ड से जुड़ी पूरी डिटेल देखी जा सकती है।

यहां देखें एसबीआई की तरफ से मुहैया कराया गया 938 पन्नों का पूरा डेटा-
पहले डॉक्यूमेंट में चुनाव आयोग ने 552 पन्नों में बताया है कि कौन से राजनीतिक दल ने कितने रुपये का बॉन्ड कितनी तारीख को भुनाया।
दूसरे दस्तावेज में 386 पेज में आयोग ने बॉन्ड खरीदने वाली फर्म या शख्स का नाम सार्वजनिक किया है। इसमें बॉन्ड के सीरियल नंबर के साथ खरीदने की तारीख का भी ब्यौरा दर्ज है।
हफ्तेभर पहले पहली बार सामने आए इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े आंकड़े
इससे पहले 14 मार्च को भी आयोग ने बॉन्ड का डेटा जारी किया था। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों को दान देने वालों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, मेघा इंजीनियरिंग, पीरामल एंटरप्राइजेज शामिल हैं। इसमें टोरेंट पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ कमर्शियल डेवलपर्स, वेदांता लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा सूची में चुनावी बॉन्ड के खरीदारों में अपोलो टायर्स, लक्ष्मी मित्तल, एडलवाइस, पीवीआर, केवेंटर, सुला वाइन, वेलस्पन, सन फार्मा के नाम शामिल हैं।

इसके साथ ही चुनाव आयोग की ओर से साझा की जानकारी में बताया गया है कि इन बॉन्ड्स के जारिए भाजपा, कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, बीआरएस, शिवसेना, तेदेपा, वाईएसआर कांग्रेस को धन मिला। सूची में द्रमुक, जद(एस), राकांपा, तृणमूल कांग्रेस, जद (यू), राजद, आप और सपा के भी नाम हैं।

यहां देखें पूरा डेटा
1. चुनावी बॉन्ड के खरीदारों के नाम  
2. बॉन्ड भुनाने वाले राजनीतिक दल
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सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश
दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक ने 2018 में योजना की शुरुआत के बाद से 30 किस्तों में 16,518 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड जारी किए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को 12 अप्रैल 2019 से खरीदे गए चुनावी बॉन्ड की जानकारी निर्वाचन आयोग को सौंपने का निर्देश दिया था। एसबीआई चुनावी बॉन्ड जारी करने के लिए अधिकृत वित्तीय संस्थान है।

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