इलेक्टोरल बॉन्ड का सारा डेटा EC को सौंपा गया, सुप्रीम कोर्ट में SBI का हलफनामा..!

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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हमने EC को पूरा डेटा सौंपा…”, इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर SBI ने दायर किया हलफनामा..!
भारतीय स्टेट बैंक ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। इसमें कहा गया कि उसने भारत के चुनाव आयोग को अल्फा न्यूमेरिक नंबर समेत सभी डिटेल दे दी है। एसबीआई ने कहा कि हमारी तरफ से अब कोई भी जानकारी मौजूद नहीं है। हमने इलेक्टोरल बॉन्डस की सभी जानकारी इलेक्शन कमीशन को सौंप दी है।
कोर्ट ने एसबीआई की ओर से पहले सौंपी गई जानकारी पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए आज शाम 5 बजे से पहले सारी जानकारी सौंपने का अल्टीमेटम दिया था। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी निर्देश दिया था कि मिली जानकारी को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाना चाहिए।

एसबीआई ने दायर किया हलफनामा
SBI के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि हमने कोर्ट के आदेश के मुताबिक चुनावी बॉन्ड्स से जुड़ी सभी डिटेल तय समय से पहले ही इलेक्शन कमीशन को दे दी है। इस बार दी गई जानकारी में बॉन्ड का अल्फा न्यूमेरिक नंबर यानी यूनीक नंबर, बॉन्ड की कीमत, खरीददार का नाम, भुगतान पाने वाली पार्टी का नाम, पार्टी के बैंक एकाउंट की आखिरी चार डिजिट नंबर, भुनाये गए बांड की कीमत और नंबर शामिल है। वहीं, उन्होंने आगे कहा कि साइबर सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक पार्टी का पूरा बैंक खाता नंबर, पार्टी और बांड खरीदने वाले की KYC जानकारी शेयर नहीं की गई है।
‘आज भारत में लोकतंत्र है, यह कोरा झूठ है’, राहुल गांधी बोले- हमारे बैंक खाते फ्रीज किए गए, हम प्रचार नहीं कर पा रहेकोर्ट ने जाहिर की थी नाराजगी

18 मार्च को चुनावी बांड मामले में एसबीआई को सुप्रीम कोर्ट की आलोचना झेलनी पड़ी। सीजेआई ने सवाल किया कि अदालत के आदेश के बावजूद एसबीआई ने सारी जानकारी का खुलासा क्यों नहीं किया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि हम चुनावी बांड के बारे में सारी जानकारी चाहते हैं। कोर्ट ने कहा था कि जब हम कहते हैं कि हमें सारी जानकारी चाहिए, तो सारी जानकारी जारी की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसबीआई द्वारा बताई गई सारी जानकारी गुरुवार शाम 5 बजे तक हलफनामे के जरिए कोर्ट को बताई जाए।

गौरतलब है कि 15 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बांड को असवैंधानिक करार दिया था। इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने स्टेट बैंक को आदेश दिया कि अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 तक कितने इलेक्टोरल बॉन्ड दिए गए, किन राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड से पैसा मिला, सारी जानकारी चुनाव आयोग को दे। कोर्ट के आदेश के बाद 12 मार्च को एसबीआई ने चुनावी बॉन्ड की जानकारी आयोग को सौंपी थी. आयोग ने यह जानकारी पिछले गुरुवार को सार्वजनिक की।

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