श्री रामायण मेला समिति ने बिना सूचना और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के स्कूल तोड़ने का किया विरोध!

राजेन्द्र देवांगन
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07-सितंबर,2020

बिलासपुर-[सवितर्क न्यूज़] क्रांति कुमार भारती विद्या मंदिर हाई स्कूल गोडपारा को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने को लेकर श्री रामायण मेला समिति बिलासपुर ने प्रेसक्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि इस देश को आजाद करने में महापुरुषों ने बलिदान दिए हैं साथ ही बड़े-बड़े क्रांतिकारियों ने तरह-तरह की यातनाएं सहन किए हैं तब कहीं जाकर देश आजाद हुआ उसमें से एक क्रांति कुमार भारतीय थे ,जो सचमुच ही क्रांतिकारी थे इन्होंने भारत के अधिकांश जेलों में सजा काटी ऐसे महापुरुषों की स्मृति में बिलासपुर में दलित क्षेत्र में 1982 से क्रांति कुमार विद्या मंदिर हाई स्कूल
संचालित किया जा रहा था जिसमें मध्यप्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप ही दलित क्षेत्र में विद्या मंदिर स्कूल होना चाहिए उसी के ध्यान में रखते हुए श्री रामायण मेला समिति मध्य प्रदेश बिलासपुर ने गांधी जी के सपनों को साकार करने के लिए प्रयास किया था जिसमें हजारों लाखों विद्यार्थियों ने अभी तक शिक्षा ग्रहण किए ,यह शासन से मान्यता प्राप्त कर रही है तथा महिला एवं बाल विकास से भी मान्यता प्राप्त है जिसके तहत निशुल्क कंप्यूटर एवं सिलाई कढ़ाई की शिक्षा दी जा रही थी वर्तमान समय में करो ना महामारी के चलते पूरे देश में लॉकडाउन लगा रहा है साथ ही वर्षा ऋतु में 28 जून 2020 को बिना सूचना दिए नगर निगम बिलासपुर एवं नजूल विभाग कलेक्टर के माध्यम से स्मार्ट सिटी के तहत अरपा नदी के दोनों ओर रोड बनाने की दृष्टि से कांति कुमार भारती विद्या मंदिर को तोड़ा गया जबकि स्कूल की परिधि के पीछे से टूटना था शासन द्वारा अभी भी मास्टर प्लान तैयार नहीं किया गया है ना ही फाइनल रोड के निर्माण संबंधी योजनाएं क्रियान्वित करने के लिए पूर्व जनमानस को सूचना नहीं दी गई और ना ही किसी प्रकार का उल्लेख इस संबंध में किया गया ऐसा प्रतीत होता है कि महापुरुषों की स्मृतियों को भी तोड़े जाने पर उसके स्मृति को मिटाए जाने कि संयंत्र कारी कार्य किया जा रहा है ,उन्होंने आगे बताया कि देश भक्ति के स्मृतियों को मिटाना षड्यंत्रकारी प्रतीक है यह समझ से परे है जब तोड़ना था तो सूचना देकर वैकल्पिक व्यवस्था करके ही तोड़ना था बिना वैकल्पिक व्यवस्था के तोड़ना षड्यंत्र से कम नहीं है आज पर्यंत तक शासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था हेतु कोई कार्य नहीं किया गया उन्होंने पत्रकारों से बताया कि बिलासपुर में टेम्स नदी का भूत सवार है जो भी नेता निर्वाचित होता है अरपा नदी के दोनों ओर रोड बनाने के साथ-साथ 12 माह पानी उपलब्ध हो यह सपना वर्षों से है पंडित राम दुलारे मिश्रा जो नगर पालिका के अध्यक्ष थे से लेकर पूर्व मंत्री अधिकारीगण आज भी वही सपना देख रहे हैं भले ही पानी की आपूर्ति हेतु समझा जाना चाहिए लेकिन जी ढंग से तोड़ा गया यह विचित्र प्रतीत होता है क्या वर्तमान शासन महापुरुषों स्वतंत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मृति को तोड़ना चाहती है क्या भविष्य में अपनी गलतियों को सुधार सकती है इस पर उन्होंने बताया कि जल्द ही अगर इस संदर्भ में कोई विशेष कार्रवाई नहीं होता है तो हमें बड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी। पत्र वार्ता के दौरान
काशी प्रसाद करोसिया संचालक, डॉक्टर बद्री जायसवाल संचालक, नंदू राव स्वतंत्रा संग्राम सेनानी अध्यक्ष, संतराम तिवारी रामायणी संस्था प्रमुख एवं प्रबंध संचालक उपस्थित रहे।

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