सवा करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भुगतान प्रक्रिया लंबित मामले में संघ की शिकायत पर सीएमएचओ नें बदल दिया प्रभार, अधिकारी ने कहा एक तरफा कार्यवाही, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

राजेन्द्र देवांगन
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संवाददाता निलेश मशीहा की रिपोर्ट:-

बिलासपुर-(सवितर्क न्यूज़) पिछले सात माह से स्वास्थ्य वर्करों की प्रोत्साहन राशि भुगतान प्रक्रिया लंबित होने व वर्करों से अभद्रता पूर्ण व्यवहार किए जाने की शिक़ायत पर संघ द्वारा एच. डब्ल्यू. सी. के प्रभारी की लिखित शिक़ायत सी.एम.एच.ओ. करते हुए जांच किए जाने की मांग की। आनन फानन में सीएमएचओ नें कार्यवाही करते हुए लंबित भुगतान मामले में जिम्मेदार मानते हुए अधिकारी को प्रभार से पृथक कर दिया है वहीं प्रभार से पृथक किए गए अधिकारी ने इस कार्यवाही को एकतरफा व दबाव में किया जाना बताया।

केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों को संपूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दृष्टि से उप स्वास्थ्य केंद्र को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने हेतु प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए 7 लाख रुपए स्वीकृत कर राशि एन.एच.एम.के माध्यम से जिले को प्रदाय की गई थी। जिसमें से 1 लाख रुपए स्वास्थ्य केंद्र के पेंटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए था। उस राशि का जबरदस्त फर्जीवाड़ा तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर के मार्गदर्शन में किया गया था। शेष राशि में से संस्था के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने के साथ-साथ हेल्थ एंड वैलनेस में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों को उनके कार्य ग्रेडिंग के आधार पर उन्हें प्रत्येक माह प्रोत्साहन राशि के रूप में निर्धारित राशि का भुगतान किया जाना था। यह भुगतान CHO/RMA/RHO/ANM/ मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को किया जाना था। प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने हेतु रिपोर्टिंग कार्य आयुष अंतर्गत राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला सलाहकार डॉ अनुपम नाहक संपादित कर रहे थे।

डॉ.अनुपम नायक द्वारा कर्मचारियों को प्रत्येक माह प्रोत्साहन राशि का भुगतान नही होने से संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक क्षति हो रही थी। जनवरी 2020 से जुलाई 2020 तक भुगतान किए जाने वाला कुल प्रोत्साहन राशि 12504800=00(एक करोड़ पच्चीस लाख चार हजार आठ सौ) है जिसे लाभान्वित होने वाले CHO/RMA/RHO/ANM मितानिन / आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को राशि का भुगतान जुलाई तक हो जाना था जिसके लिए खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा उन कर्मचारियों की ग्रेडिंग रिपोर्ट डॉ. अनुपम नाहक के पास जमा कराया जा चुका था । कर्मचारियों द्वारा भुगतान के संबंध में जानकारी लेने पर डॉ. द्वारा उनसे दुर्व्यवहार करने के साथ-साथ बिना कारण के नोटिस ज़ारी कराया जाता था। महिला कर्मचारियों से "यार" शब्द के साथ संबोधन करना इसके अलावा उनसे अमर्यादित भाषा में बात करना ,उन्हें मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है।

डॉ .अनुपम नाहक द्वारा बिना वज़ह के कर्मचारियों के प्रोत्साहन राशि रिपोर्ट को रोके रखने एवं उनसे दुर्व्यवहार करने तथा महिला कर्मियों से अमर्यादित भाषा में बात करने तथा उन्हें मानसिक प्रताड़ना देने को “संघ” ने गंभीरता से लेते हुए चिकित्सक के विरुद्ध मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को 1/9/20 पत्र लिखकर शिक़ायत दर्ज कराई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संघ के आरोपों को सही पाए जाने पर दिनांक 3/9/ 2020 को पत्र ज़ारी करते हुए डॉ.अनुपम नाहक को वेलनेस हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के प्रभार से हटाने आदेश प्रसारित करते हुए हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का चार्ज अरुण मंडल एफ.एल.ओ. (एनसीडी) को लेने निर्देश -पत्र ज़ारी किया गया।

वहीं लंबित प्रोत्साहन राशि भुगतान मामले पर अरुण मंडल नें टेलीफोनिक बातचीत करते हुए सात से दस दिन में भुगतान हो जाने की बात कही है जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है!संघ ने डॉ. नाहक द्वारा 7 माह तक प्रोत्साहन राशि भुगतान रोके रखने एवं महिला कर्मियों से अभद्र व्यवहार विरुद्ध जांच करने की मांग की है साथ ही अनुपम नाहक द्वारा नियुक्ति दिनांक से आज तक राष्ट्रीय तंबाकू उन्मूलन कार्यक्रम में किए गए कार्य संपादन की जांच की मांग की है।

डॉ.अनुपम नाहक बातचीत करते हुए इस कार्यवाही को एकतरफा व दबाव पूर्ण कार्यवाही बताते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बहरहाल इस कार्यवाही को स्वास्थ्य विभाग के जानकार नियम विरुद्ध मानते हैं दूसरी तरफ इस कार्यवाही से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है देखने वाली बात यह है कि क्या संघ की शिकायत पर अब आगे और जांच होगी ?

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