Kubeshwar Dham Sehore” कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़, एक महिला की मौत, तीन लापता; हजारों लोग अस्पताल में भर्ती

राजेन्द्र देवांगन
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Kubeshwar Dham Sehore” कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ जैसे हालात:एक महिला की मौत, तीन लापता; पं. मिश्रा बोले- रुद्राक्ष के लालच में यहां न आएं

मध्यप्रदेश में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव के पहले दिन गुरुवार को भारी भीड़ के कारण हालात बेकाबू हो गए। रुद्राक्ष लेने के चक्कर में भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है। एक महिला की मौत हो गई। तीन महिलाएं लापता हो गई हैं।

रुद्राक्ष पाने में नाकाम लोग पंडित मिश्रा के खिलाफ नारे लगाते हुए लौट रहे हैं। इस वक्त यहां करीब 10 लाख लोगों के मौजूद होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का महोत्सव स्थल का दौरा भी निरस्त कर दिया गया है।

मंडी थाना ASI धर्म सिंह वर्मा ने बताया कि महाराष्ट्र के नासिक के मालेगांव से आई मंगला बाई (50) की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे चक्कर आया और वह गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के भिलाई, राजस्थान के गंगापुर और महाराष्ट्र के बुलढाणा की रहने वाली तीन महिलाएं लापता हो गई हैं।


महाराष्ट्र के नासिक जिले से दर्शन और रुद्राक्ष लेने आई एक महिला की मौत हो गई। उसे अचानक चक्कर आया और वह नीचे गिर पड़ी।

अगर मौत आनी है तो आएगी ही: पंडित प्रदीप मिश्रा
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि लोग मौत से डरते हैं। कहते हैं कि हम केदारनाथ नहीं जाएंगे। वहां बहुत ठंड है, कुछ हो गया तो क्या होगा, लेकिन अगर मौत आनी है तो आएगी ही। भले ही आप घर में ही क्यों न हो। आप घर में होगे, पैर पोछने के लिए पायदान पर पैर रखोगे और अगर मौत आनी ही होगी तो तुरंत पायदान फिसल जाएगा। आप 7 तालों में ही क्यों न बंद हो, मौत को आना है तो वह आएगी ही।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो लोग यहां रुद्राक्ष के लालच में आ रहे हैं, तो वे न आएं। टिकट कैंसिल करा लो। यहां आना है तो महादेव के लिए आओ। उनसे क्या मिलेगा, उसकी लालच में आओ। रुद्राक्ष के लिए आने की आवश्यकता नहीं है।

40 काउंटर से रुद्राक्ष वितरण का काम किया जा रहा है। रुद्राक्ष के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ रहा है।

7 से 17 किलोमीटर तक का जाम, 15 हजार लोग संभाल रहे व्यवस्था
गुरुवार सुबह के हालात देखें तो कुबेरेश्वर धाम से इछावर रोड तक 7 किमी का लंबा जाम लगा था। सीहोर से इंदौर की तरफ हाईवे पर भी 17 किलोमीटर लंबा और भोपाल की ओर हाईवे पर 10 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ था।

अधिक भीड़ होने के कारण मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा। पुलिस और प्रशासन की टीम के अलावा RSS, बजरंग दल, स्थानीय लोग, समिति सदस्य सहित कुल 15 हजार लोग व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। इनकी ड्यूटी कथा पंडाल, भोजन पंडाल, रुद्राक्ष वितरण केंद्र पर लगी हुई है।

भोपाल-इंदौर हाईवे पर भारी भीड़ के चलते जाम लग गया। हाईवे पर हजारों की संख्या में वाहन फंसे हैं। आलम ये है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।

भीड़ देखते हुए बुधवार से ही रुद्राक्ष वितरण शुरू हुआ
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए धाम में पं. प्रदीप मिश्रा ने बुधवार को रुद्राक्ष वितरण शुरू कर दिया था। समिति ने 20 काउंटर से श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष बांटे। गुरुवार सुबह 10 बजे तक 5 लाख श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष बांटे गए। 40 काउंटर से रुद्राक्ष बांटे जा रहे हैं।

नेपाल से मंगवाए रुद्राक्ष से भगवान शिव का 6 फीट ऊंचा शिवलिंग बनाया गया।

2 शिफ्ट में काम कर रही पुलिस
महोत्सव में पुलिस 2 शिफ्ट में काम कर रही है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से लेकर रात 8 बजे तक है। 700 जवान तैनात किए गए हैं। SP सीहोर मयंक अवस्थी के साथ 12 जवान लगे हैं। ASP और एसपी सीहोर के साथ 8-8 जवान लगे हैं। जबकि 100 जवानों को रिजर्व रखा गया है। ट्रैफिक पुलिस के जवान भी व्यवस्था संभाल रहे हैं।

कार्यक्रम में आए श्रद्धालुओं के लिए बड़ी-बड़ी पूरियां बनाई जा रही हैं। दावा है कि एक पूरी का वजन 5 किलो तक है। खाना बनाने वाले राजस्थान के सांवलिया सेठ से आए हुए हैं।

देश के अलग-अलग राज्यों से आ रहे भक्त
शहर में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए क्षेत्रवासी लगे हैं। सेवा करने के लिए जिले और आस-पास के क्षेत्रों से कई संगठन आगे आए हैं। नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने आधा दर्जन से अधिक यात्री बसों को भक्तों की सेवा में लगाया है। बुधवार को कुबेरेश्वर धाम महादेव के दर्शन करने के लिए 2 किमी लंबी लाइनें लगीं। महोत्सव में मध्यप्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश के अन्य राज्यों से भक्त आ रहे हैं।

रुद्राक्ष बांटने के लिए ऐसे 40 काउंटर बनाए गए हैं।


52 एकड़ में फैले कुबेरेश्वर धाम के कथास्थल और पास में 18-18 हजार स्क्वायर फीट के 5 डोम में श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था की गई है।

इंदौर-भोपाल नेशनल हाईवे पर बसे गांव‎ चितावलिया हेमा का माहौल‎ बदला-बदला सा है। यहां कुबेरेश्वर धाम‎ में गुरुवार से शुरू होने वाली कथा सुनने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं।

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