अग्रिम राशि स्वीकृत नहीं कर रहे है कृषि उपज मंडी जैजैपुर सचिव , कर्मचारी और परिवार रोज अपमानित हो रहे हैं अपोलो अस्पताल में…!

राजेन्द्र देवांगन
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रिपोर्टर सीता टंडन

अग्रिम राशि स्वीकृत नहीं कर रहे है कृषि उपज मंडी जैजैपुर सचिव , कर्मचारी और परिवार रोज अपमानित हो रहे हैं अपोलो अस्पताल में…!

शक्ति जिले के कृषि उपज मंडी जैजैपुर का कर्मचारी अपने विभाग की लापरवाही के कारण अपोलो अस्पताल में पड़ा है साथ ही आर्थिक आभाव के कारण अपोलो प्रबंधन की बेज्जती से परिवार जूझ रहा है । मिली जानकारी के अनुसार जैजैपुर के कृषि उपज मंडी में सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदस्थ अब्दुल गफ्फार खान पिछले कुछ सालों से हृदयाघात की बीमारी से जूझ रहे हैं । हृदय की बीमारी से पिछले कई सालों से जुझ रहे अब्दुल खान को पिछले माह अपोलो बिलासपुर में भर्ती कराया गया था, जहां 15 दिन के बाद स्वस्थ हो गए और उन्हें अस्पताल प्रबंधन के बिलिंग विभाग द्वारा रुपए जमा करें छुट्टी होने का नोटिस दिया गया । इसके पूर्व अब्दुल खान के परिवार ने उपचार के मध्य कृषि उपज मंडी जैजैपुर के सचिव राजेंद्र ध्रुव को बिलिंग विभाग से पत्र लिखकर पहले 3 लाख , फिर 3.50 लाख का आवश्यक स्टीमेट भेजकर अग्रिम राशि का मांग किया गया था , जिसे ध्रुव सचिव द्वारा पूर्व में लिये गए राशि का समायोजन नहीं होना बताकर भुगतान नहीं किया गया ! आवश्यकता को समझते हुए वरिष्ठालय के अधिकारी द्वारा चिकित्सा अग्रिम प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत करने को सुझाव दिया गया , जिसके लिये ₹5 लाख की मांग की परंतु कृषि उपज मंडी सचिव राजेंद्र ध्रुव ने मंडी बोर्ड बिलासपुर से स्वीकृति आदेश आने के बाद देने का बहाना बनाया और अग्रिम राशि देने से इनकार कर दिया । इस विषय मे अब्दुल खान की पत्नी ने कृषि उपज मंडी संघ के अध्यक्ष अजय शर्मा से बात की तब उन्होंने सचिव राजेंद्र ध्रुव से बात कर कहा कि अब्दुल खान को अपोलो से डिस्चार्ज कराने के लिए उन्हें पांच लाख की राशि दी जाए और उनके उपस्थिति के बाद में इसका समायोजन किया जाएगा लेकिन राजेंद्र ध्रुव सचिव कृषि उपज मंडी जैजैपुर ने अब्दुल खान की तबीयत को परे रखते हुए ऑफिशियल दस्तावेजों को दुरुस्त करने के लिए कहा । अस्पताल में इलाज करा रहे अब्दुल खान का कहना था कि वे स्वस्थ होकर आएंगे तो समायोजन कर देंगे फिलहाल उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज होने के लिए अग्रिम राशि दी जाए परंतु कृषि उपज मंडी सचिव राजेंद्र ध्रुव ने उनकी बात नहीं सुनी और रुपयों के अभाव में अब्दूल खान को स्वस्थ होने के बाद भी अपोलो अस्पताल में रहना पड़ रहा है । अब्दुल खान 02 दिसंबर 2022 से अब तक स्वस्थ्य होने के बाद भी सचिव ध्रुव की लापरवाही के कारण अब तक अस्पताल में भर्ती हैं , जबकि उनका इलाज मात्र पंद्रह दिनों तक ही चला है और उनके बिल में प्रतिदिन बीस हजार के हिसाब से अब तक तीन लाख अतिरिक्त जुड़ रहे हैं और अगर ऐसे ही चलता रहा तो न जाने अब्दुल खान को कितने रुपए अपोलो अस्पताल को देने होंगे । अस्पताल प्रबंधन रोज उन्हें डिस्चार्ज लेने के लिए दबाव बना रहा है और उनके परिवार को प्रतिदिन बेज्जती का सामना करना पड़ रहा है लेकिन कृषि उपज मंडी सचिव राजेंद्र ध्रुव ने बिलासपुर मुख्यालय से अग्रिम स्वीकृति आदेश जारी करवाने की बात कही है । जबकि मंडी समिति कर्मचारियों के लिये मंडी अध्यक्ष एवं सचिव की आपसी सहमति से नोटशीट चलाकर राशि आबंटन का प्रावधान है !

हम अपोलो अस्पताल में रोज बेइज्जती का सामना कर रहे हैं और प्रतिदिन बीस हजार रुपए बिल में जुड़ रहा है और विभाग अग्रिम राशि देने तैयार नहीं हैं । हम लोग बहुत परेशान हैं । समझ नहीं आ रहा क्या करें ।

शीरिन खान , अब्दुल खान की पत्नी

दो बार अग्रिम राशि ले चुके हैं उसका समायोजन अब तक नहीं हुआ है । मैंने आवेदन आगे प्रेषित कर दिया है । उपर से आदेश होने पर राशि दे दी जायेगी ।

राजेंद्र ध्रुव सचिव कृषि उपज मंडी जैजैपुर

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