कोविड-19 वैक्सीन का पारदर्शी और सही ढंग से वितरण विषय पर प्रोफेशनल्स कांग्रेस द्वारा चार राज्यों छत्तीसगढ़, दिल्ली, केरल व महाराष्ट्र की इकाइयों का वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फरवरी के अंत तक बाजार में कोविड वैक्सीन आ जाने की उम्मीद है। देश के सभी लोगों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया में 6 माह से 3 साल तक लग सकता है। प्रदेश में फ्रंटलाइन और स्वास्थ्य वर्करों को पहले वैक्सीन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
प्रोफेशनक्स कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष क्षितिज चंद्राकर ने वेबीनार में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा किए गए कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी प्रवासी मजदूर जो प्रदेश से होकर गुजर रहा है उसे भूख और प्यासा न जाने दिया गया साथ ही पैदल चलते मजदूरों को परिवहन की व्यवस्था प्रदान की गई। उन्होंने प्रदेश में लौटे मजदूरों को स्वावलंबी तथा रोजग़ार प्रदान करने के लिए भूपेश बघेल सरकार की राजीव गांधी न्याय योजना तथा गोधन न्याय योजना की कामयाबी तथा लोगों के मध्य उसकी स्वीकारता और सरहाना को भी बताया।
ये गाइड लाइन भी कोरोना के दवा समान
मंत्री टीएस सीहदेव ने कहा कि नियमित रूप से हाथ धोना, मास्क पहनना और शारीरिक दूरी बनाने कर रखना भी कोरोना की दवा के समान ही है। इतने समय तक कोरोना से लडऩे में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर्याप्त रही है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व में दवाओं का सबसे बड़े उत्पादकों में शामिल है। विश्व की अलग-अलग कंपनियां दवा बनाने में लगी है और इसमें प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि हमें यह मानकर चलना होगा कि फरवरी के अंत तक कोरोना की वैक्सिंग बाजार में उपलब्ध होगा। उस समय तक हमें पूरी तरह से कोविड प्रोटोकॉल पर चलना होगा। वेबिनार में उपाध्यक्ष प्रत्युष भारद्वाज, सचिव ऐश्वर्या सिंहदेव, मीडिया संयोजक दीप सारस्वत भी शामिल हुए।











