अकलतरा स्वास्थ्य केंद्र में पोस्ट्’मॉटम् के नाम पर अवैध वसूली……

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट सीता टंडन

अकलतरा स्वास्थ्य केंद्र में पोस्ट्’मॉटम् के नाम पर अवैध वसूली……

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दूर्घटना से हुई मौतों पर वकील सहित मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने से लेकर शासन से चार लाख की राशि दिलाने तक का पैकेज दिया जा रहा है । यह बात सुनने में बहुत अजीब और तकलीफदेह लगती है लेकिन यह बात सच है । अकलतरा पुलिस के अनुसार सोमवार की शाम अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरबसपुर की हसदो बांगो परियोजना की बड़ी नहर में एक इक्कीस वर्षीय युवक की लाश बह कर आयी । जेब से मिले पते और नंबर के आधार पर काल किया गया तो पता चला कि वह लाश कोरबा निवासी सुमीत पटेल पिता रामकुमार पटेल की है । दूसरे दिन मंगलवार की दोपहर परिजन युवक के शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा द्वारा बुलाये गये स्वीपर संजय ने परिजनों से आठ हजार रूपए की मांग की जिसे परिजनों के गिड़गिड़ाने पर पांच हजार में पी एम करने पर तैयार हुआ साथ शव को पैक करने के लिए पोलीथीन और विसरा एकत्र करने के लिए दो डिब्बो के लिए पंद्रह सौ रुपए वसूले गए जो बमुश्किल दो सौ रुपए में आ जाते हैं ।

इसके पूर्व भी वसुले गये है पोस्टमार्टम के लिए भारी रकम

इसके पहले में कोटमी सोनार में तेरह वर्षीय बच्चे की फांसी लगकर हुई मौत के पोस्टमार्टम के लिए चार हजार वसुले गये थे जिसके माता-पिता कमाने खाने जाते हैं । कुछ पीड़ित लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ फांसी से हुई मौतों पर भी को शासन से चार लाख दिलाने और दूर्घटना से हुई मौत दिखाने लाखों वसुले जा रहे है और साथ ही शासन से चार लाख दिलाने सी एच सी सेंटर की ओर से पीड़ित पक्ष के लिए वकील भी मुहैया कराया जा रहा है जिसके लिए निश्चित रुप से वकील द्वारा मोटी फीस भी दी जा रही है ।

दूर्घटना से हुई मौतों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने भी वसुले जा रहे हैं रूपये

इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि सच में दूर्घटना से हुई मौतों पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए बीस हजार तक वसुले गये है साथ ही वकील भी मुहैया कराया जा रहा है कहने का मतलब है कि इन दिनों अकलतरा सी एच सी सेंटर और जिले के कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मौत जैसे अति संवेदनशील घटना को भी व्यवसाय बना दिया गया है ।

जीवन दीप समिति क्यो नही करतीं हैं स्वीपर की नियुक्ति

जीवन दीप समिति द्वारा इस वर्ष सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ़ सफाई की जरूरत को देखते हुए तीन सफाईकर्मियों की भर्ती किया गया है जबकि स्वीपर भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए उतने ही आवश्यक है लेकिन न जाने अकलतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन की आंखों पर किस मोतियाबिंद ने इतना असर डाला है कि हास्पीटल प्रबंधन से न तो शोक – संतप्त परिजनों के करुण चेहरे का दर्द पढ़ा जा रहा है और न ही मौतों पर हो रहे मोल-भाव के बीच परिजनों की बेबसी और अंतहीन पीडा और सिसकियां सुनाई दे रही है शायद आंखों के साथ कानों के पर्दे भी मौतो पर होते सौदेबाजी देख हया ( शर्म)) से फट गये होंगे

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