महिला शिक्षिका के द्वारा फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी करने का मामला सामने आया :हुई कार्यवाही

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ संभाग ब्यूरो -नीलेश मसीह

फर्जी महिला शिक्षिका : तिल्दा से आया सनसनीखेज मामला, खुलासे के बाद नौकरी से इस्तीफा

तिल्दा ब्लॉक के ग्राम पंचायत अलदा के हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका के पद पर फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए महिला शिक्षिका के द्वारा सालों नौकरी करने का मामला सामने आया है।

फाइल फोटो


तिल्दा। विकासखंड में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां पर एक महिला शिक्षिका ने फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए वर्षों से नौकरी की और जब किसी ने इसकी शिकायत कि तो महिला ने आनन फानन में नौकरी से इस्तीफा दे दी ।तिल्दा ब्लॉक के ग्राम पंचायत अलदा के हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका के पद पर पदस्थ जान्हवी पांडेय ने अचानक निजी कारण बताकर दशहरा छुट्टी लगने के तुरंत पहले स्कूल से इस्तीफा देकर नौकरी छोड़ दी है ।

बताया जाता है कि उनके कुछ प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं बीएड व एमए के प्रमाणपत्र को फर्जी बताया जा रहा है। किसी ने संचालनालय में इसकी शिकायत की है, इस बात की जानकारी जैसे ही उक्त शिक्षिका को लगी तो उन्होंने तत्काल नौकरी से स्तीफा दे दिया।

इस सम्बन्ध में टोहड़ा स्कूल कि प्रिंसिपल एक्का महोदया से बात किया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में आप अल्दा स्कूल के प्राचार्य से बात कीजिए फिर हमने अल्दा शासकीय स्कूल के प्राचार्य लकड़ा सर से बात किया तो उन्होंने कहा कि निजी कारणों को बताकर शिक्षिका द्वारा नौकरी से त्यागपत्र दिया गया है, जब हमने फर्जी प्रमाणपत्र और जांच के बारे ने पूछा तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि हां इस संबंध विभागीय जांच जारी है, शिकायत के बाद प्रमाणपत्र फर्जी है या नहीं यह जांच की जा रही है।

इस सम्बन्ध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी बी. एल.देवांगन से बात की तो उन्होंने कहा कि जिला पंचायत और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ही इस बारे ने कुछ बता सकते है क्योंकि किसी भी तरह की जानकारी इस कार्यालय में नहीं आया है वह वर्ग एक में है तो यहां किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। पत्राचार डीईओ कार्यालय से या जिला पंचायत से होगा।

इधर शिक्षा विभाग में इस घटना के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि वर्तमान में उक्त महिला शिक्षक तिल्दा में वेंकटेश मन्दिर के आसपास मकान बनकर निवास कर रही है। साथ ही वर्ष 2013 से वह भर्ती हुई है, ऐसे में इतने साल फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए नौकरी कर शासन को लाखों रुपए का चूना उनके द्वारा लगाया गया है, जांच के बाद अगर प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए तो क्या उस पर धारा 420 के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह भी लोग सवाल उठा रहे हैं.

वहीं,शिक्षा विभाग के सूत्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस विभाग में नौकरी से इस्तीफा देने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चले जाता है। अगर मामलों की जांच कर कार्यवाही कि गई तो एफाईआर दर्ज किया जाएगा। इस सम्बन्ध में हमने उक्त महिला शिक्षिका से संपर्क का प्रयास किया लेकिन स्कूल से इस्तीफा देने के बाद उनका मोबाइल बन्द हो गया है साथ तिल्दा निवास पर ताला लगा हुआ है।

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