जांजगीर जिले के नैला में मां दुर्गा की 35 फीट विशाल प्रतिमा….अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर प्रवेश द्वार…. हीरे-मोती और रत्नों से सजी…=110 फीट ऊंचा है प्रवेश द्वार….

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट सीता टंडन

जांजगीर जिले के नैल में मां दुर्गा की 35 फीट विशाल प्रतिमा….अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर प्रवेश द्वार…. हीरे-मोती और रत्नों से सजी….110 फीट ऊंचा है प्रवेश द्वार….

जांजगीर चांपा जिले के नैला में इस साल भी धूमधाम से दुर्गा उत्सव मनाया जा रहा है. नैला दुर्गा उत्सव समिति ने दुर्गा पंडाल को दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तरह तैयार किया है. दुर्गा पंडाल की ऊंचाई 110 फीट है. नैला दुर्गा पंडाल को छत्तीसगढ़ में सबसे ऊंचा बताया जा रहा है. मुख्य आकर्षण का केंद्र दुर्गा मां के लिए बनाए गए स्वर्ण कमल और चांदी की छत्र है. माता की 35 फीट ऊंची प्रतिमा मिट्टी से तैयार की गई है. दुर्गा मां की प्रतिमा हीरे मोती और रत्नों से जडि़त है .नैला दुर्गा उत्सव समिति ने करीब 2 करोड़ रुपए खर्च कर आकर्षक पंडाल और प्रतिमा स्थापित की है.

गौरतलब हो कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्षों से दुर्गा उत्सव फीका था। दुर्गा उत्सव को भव्य बनाने के लिए करीब 2 करोड़ रुपए खर्च हुआ है . समिति 1981 से हर साल दुर्गा उत्सव मनाती है. मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ इस बार भगवान शिव का पूरा परिवार नजर आ रहा है . गणेश, कार्तिकेय, माता पार्वती और भोलेनाथ की 10-10 फीट ऊंची मूर्ति तैयार की गई है. इसके अलावा डोम वाले पंडाल में आकर्षक लाइटिंग की गई है.

समिति के पदाधिकारियों के मुताबिक हर साल खास थीम पर दुर्गा उत्सव मनाया जाता है. इस बार दिल्ली के अक्षरधाम की तर्ज पर स्वागत द्वार बनाया गया है. कोलकाता की बजाय इस बार राज्य के स्थानीय कारीगरों ने प्रतिमा तैयार किया है. हालांकि स्वर्णकमल और चांदी की छत्र के लिए बंगाल से कारीगर बुलाए गए हैं।

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