CM भूपेश बघेल का BJP-RSS पर निशाना ….कहा – ये लोग तो नफरत फैला रहे हैं ….विरोधाभासी नीति की वजह स्पष्ट करें ….

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट मनोज शुक्ला

CM भूपेश बघेल का BJP-RSS पर निशाना…कहा – ये लोग तो नफरत फैला रहे हैं, इससे दिलों काे नहीं जीता जा सकता …..

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार शाम हिमाचल प्रदेश के चुनावी दौरे से रायपुर लौट आए। यहां उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर बड़ा हमला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा और आरएसएस के लोग नफरत फैला रहे हैं। इनके दिलों में नफरत है और नफरत से दिलों को नहीं जीता जा सकता।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान राम और श्रीकृष्ण के चरित्र का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, भगवान राम ने तो सबको गले लगाया। चाहे वह केवट हों, जटायु हों, शबरी हों चाहे वो वानर हों सबको उन्होंने गले लगाया। और तो और जब रावण वध हुआ तो उन्होंने अपने अनुज लक्ष्मण को उसके पास भी ज्ञान लेने के लिए भेजा। यह चरित्र है क्या इन लोगों में? ये लोग तो भगवान राम के एक पोर्शन युद्धक राम को लेकर चल रहे हैं।

सीएम के मुताबिक राम की जो करुणा है, दया है, प्रेम है उसको तो ये लोग स्वीकार किए नहीं। कृष्ण ने सत्य के लिए लड़ाई लड़ी। धर्म के लिए लड़ाई लड़ी। उसके लिए सब कुछ उन्होंने झोंक दिया। गीता जैसा उपदेश उन्होंने दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ये लोग किस रस्ते पर हैं। ये किसको गले लगाए हैं। ये तो नफरत फैला रहे हैं। ये लोग तो बात-बात में बोलते हैं कि पाकिस्तान भेज दो। पाकिस्तान से यात्रा शुरू करना चाहिए। इनके दिलों में नफरत है और नफरत से दिलों को नहीं जीता जा सकता।

कहा – विरोधाभासी नीति की वजह स्पष्ट करें

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, इनके साथ दिक्कत यही है कि भाजपा, आरएसएस और राम माधव जी के कार्यालय में अखंड भारत का नक्शा है। यहां हिंदू-मुसलमान में नफरत फैलाते हैं। कहते हैं कि इन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए। भाजपा-आरएसएस के नेताओं का बयान बार-बार आता है कि पाकिस्तान भेज देना चाहिए और पाकिस्तान को अखंड भारत में मिला लेना चाहिए! यह कौन सी राजनीति है इनकी। यह कौन सी सामाजिक नीति है? ये तो पहले स्पष्ट करें।

विविधता को बताया देश की ताकत

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, इस देश में विविधता है और यही हमारी ताकत है। इस देश में हजारों-हजार साल से अनेक जातियां आईं, कई दौर में आईं। सब मिश्रण होता गया। यहां का जो सामाजिक तानाबाना है वह ऐसा यंत्र है जो सबको पचा लेता है। सबको अपने में समाहित कर लेता है। दुनिया में अनेक जातियां उभरीं, देश बने। वो ऊंचाई पर भी पहुंचे लेकिन आज उनका अस्तित्व समाप्त हो गया। हिंदुस्तान का अस्तित्व समाप्त नहीं हुआ क्योंकि उसमें पचाने की क्षमता है। सबको स्वीकार करने की ताकत है। विवेकानंद जी ने शिकागो में कहा था, दुनिया भर के सताये हुए चाहे देश के लोग हों, चाहे धर्म के लोग हों उसको हिंदुस्तान ने पनाह दिया। मैं उस देश से आता हूं। यह कितनी बड़ी बात है।

भाजपा की स्वीकार्यता पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की स्वीकार्यता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, आप भले ही दो बार से केंद्र में सरकार में हैं लेकिन आपकी स्वीकार्यता पूरे देश में नहीं है। आप भले कहें कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हैं लेकिन साउथ में आपकी स्थिति क्या है? नार्थ ईस्ट में क्या है? आप तोड़-तोड़कर सरकार बनाते हैं।

कांग्रेस चुनाव में कुछ अप्रत्याशित होने का भी संकेत

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर हुए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कुछ अप्रत्याशित होने का संकेत भी दिया है। उन्होंने कहा, कल (30 सितम्बर) को नामांकन का आखिरी दिन है। देखिए कितने लोग नामांकन भरते हैं। जो आपके मन में कौतुहल है वही मेरे मन में भी है कि कौन-कौन फॉर्म भरते हैं। उसके बाद स्क्रूटनी के बाद कौन-कौन नाम वापस लेते हैं, यह भी देखना होगा! चुनाव हमारी पार्टी में हो रहा है। यह आंतरिक लोकतंत्र का परिचायक है। भाजपा में तो पता ही नहीं चला कि नड्‌डा जी कब दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए।

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