क्रशर खदान द्वारा खनिज विभाग के मानकों की उड़ाई जा रही है धज्जियां
विभाग बना गांधी जी का बंदर

राजेन्द्र देवांगन
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क्रशर खदान द्वारा खनिज विभाग के मानकों की उड़ाई जा रही है धज्जियां
विभाग बना गांधी जी का बंदर

ब्यूरो रिपोर्ट सीता टंडन

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा के लटिया पकरिया मार्ग में संचालित लगभग सात क्रशर खदानें संचालित है जिनसे निकलने वाली बारीक पत्थरों के धूल कणों से वहां रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है और वहां हो रही हेल्को ब्लास्टिंग से लोगों का मकान , दुकान और आफिस दरक रहा है परंतु खनिज विभाग नींद की गोली लेकर सो रहा है । बताया जा रहा है कि अकलतरा क्षेत्र के लटिया पकरिया मार्ग में संचालित क्रशर खदान में खनिज विभाग द्वारा तय किए गए मानकों की चिंदी उड़ायी जा रही है कारण यह है कि इन क्रशर कुबेरों ने खनन अधिकारियों की न केवल जेबे सोने के सिक्कों से भर दी है बल्कि इनकी आंखों सोने की चमक से चौंधिया दी है ।

खनिज विभाग के मानक अनुसार खदानों में काम करने वाले कामगारों को सुरक्षा उपकरण यथा गम बूट , हेलमेट , और वहां के वातावरण के हिसाब से खास कपड़ों से बनी पोशाक जो कामगारों के स्वास्थ्य को नुक्सान होने से बचाये , उपलब्ध कराया जाना चाहिए लेकिन क्रशर मालिकों के द्वारा सुरक्षा उपकरण के नाम पर कुछ भी नहीं है । कामगार खुले पैर और खुले सिर पत्थर तोड़ने और निकालने मजबूर हैं ।

वृक्षारोपण के नाम पर ठूंठ

खनिज विभाग के मानक के अनुसार क्रशर खदान के चारों ओर वृक्षारोपण तीन परतों में होना चाहिए जिससे खदान से निकलने वाली बारीक धूलकण को पेड़ खुद में अवशोषित कर सके और ग्रामीणों या आसपास के लोगों को पत्थरों के बारीक धूलकणो से फेफड़ों की बीमारी सिलिकोसिस न हो या बीमारी के प्रभाव को कम से कम किया जा सके लेकिन क्रशर खदान मालिकों द्वारा सारे मापदंड और नैतिकता खूंटी में टांग दिया गया है ।

गुड़ चना जैसी चीजें भी नहीं उपलब्ध करा रहे हैं क्रशर मालिक

इन क्रशर खदान में काम करने वाले कामगारों को रोज खदानों से निकलने वाली बारीक पत्थरों के धूलकणो को न चाहते हुए भी खाना पड़ रहा है जिससे भविष्य में उनके फेफड़ों के खराब होने और सिलिकोसिस होने का खतरा है । इस खतरे को कम करने कामगारों को गुड़ और चना रोज शाम को देने का प्रावधान है जिससे कामगारों के गले और पेट में गये पत्थर के बारीक टुकड़े चना और गुड़ के साथ चिपककर पेट में चले जाये और मल के साथ शरीर से बाहर आ जाये लेकिन इन क्रशर कुबेरों ने मानवीयता की सारी हदें लांघ दी है और खनिज विभाग इन सारी मनमानियों को आंख , कान और मुंह बंद कर गांधी जी के तीन बंदरों की तरह मौन बैठा है ।

हेल्को ब्लास्टिंग के विषय में आप रायगढ़ में स्थित एन एम डी सी आफिस में बात करें ।

आर एन सोनी
खनिज अधिकारी जिला जांजगीर

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