एएसआई दंपती ऐसी करते थे पिटाई कि टूट जाते थे डंडे,ऐसे बेरहम एएसआई पर क्यों मेहरबान है बिलासपुर पुलिस,क्या पुलिस को अपराध करने की है छूट

राजेन्द्र देवांगन
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एएसआई दंपती ऐसी करते थे पिटाई कि टूट जाते थे डंडे,ऐसे बेरहम एएसआई पर क्यों मेहरबान है बिलासपुर पुलिस,क्या पुलिस को अपराध करने की है छूट

ब्यूरो रिपोर्ट मोहम्मद रज्जाक

बिलासपुर पुलिस के कुछ अधिकारियों पर लगातार लग रहे गंभीर आरोप और विभाग का उन तमाम मामलों में या तो खानापूर्ति करने लगना या पूरी तरह चुप्पी ही साध लेने का रवैया बिलासपुर पुलिस की छवि को भरपूर मटियामेट कर रहा है। इस खबर में हमने केवल बिलासपुर पुलिस के एक मामले का उल्लेख किया है, कि इस तरह के मामले केवल बिलासपुर में ही हो रहे हैं पूरे प्रदेश में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। लेकिन बिलासपुर पुलिस की कप्तान सब कुछ देखते हुए भी कुछ न करना समझ से परे हैं

पुलिस की कहानी भी निकली थी झूठी : महिला थाने में दर्ज बयान को पुलिस ने एएसआई व उसकी पत्नी के पक्ष में बताया था। डीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने ये कहा था कि मुन्नी एएसआई दंपती के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती। वह दो साल की मजदूरी लेकर अपने गांव जाना चाहती है। वहीं मुन्नी ने अपने बयान में बताया को एएसआई दंपती के खिलाफ थाने में दर्ज शिकायत पर कराई चाहती है ।

परिवार को मिल रही थीं केस वापस लेने की धमकियां : पीड़िता के परिवार वालों ने बताया कि उस दौरान उन्हें केस वापस लेने के लिए कई बार धमकी भरे फ़ोन आ रहे थे। कुछ लोग उनके घर तक भी गए ये समझाइश देने के लिए कि केस वापस लेने में ही उनकी भलाई है। हमसे बात करते हुए पीड़िता के पिता, बहन और उसके जीजा ने साफ़ शब्दों ये कहा कि उनपर केस वापस लेने का दबाव लगातार बनाया जाता रहा है। ये बात पुलिस को भी बताई गई लेकिन पुलिस विभाग मूक दर्शक बना सब देखता रहा, मानो अपराधी को बढ़ावा दे रहा हो कि डरो नहीं, और कुछ बच्चों को बंधक बनाओ, विभाग तुम्हारे साथ है।

पढाई का झांसा देकर लाये थे बिलासपुर: 2 साल पहले बिलासपुर ट्रांसफर होते वक़्त दंपत्ति घर में काम करने व बच्चों की देखरेख करने के लिए मुन्नी को पढ़ाने का झांसा देखर अपने साथ लेकर आये थे। दो सप्ताह तक उन्होंने मुन्नी को बच्चों की तरह रखा। इसके बाद उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने लगे और उसे मरने पीटने लगे थे

एएसआई दंपत्ति के खिलाफ इन धाराओं में दर्ज है एफआईआर: सिरगिट्टी पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर एएसआई शैलेन्द्र सिंह व पत्नी शशि सिंह के खिलाफ धारा 294, 506, 323, 342, 34 और एसटीएससी एक्ट की धारा 3 (1) (8), 3 (2) के तहत अपराध दर्ज किया था

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