लापरवाही:अधूरा मिनी खेल स्टेडियम बना शराबियों का अड्डा

राजेन्द्र देवांगन
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लापरवाही:अधूरा मिनी खेल स्टेडियम बना शराबियों का अड्डा

(ब्यूरो रिपोर्ट प्रमिला नेताम )

कांकेर के शहर के मिनी स्टेडियम को नया खेल स्टेडियम के रूप में विकसित करने का काम तीन साल पहले शुरू किया गया जो अब तक अधूरा पड़ा है। अधूरा खेल मैदान वर्तमान में
शाम को अंधेरा होते ही यहां असामाजिक तत्व पहुंच जाते हैं तथा अड्‌डा जमा शराबखोरी करते हैं। जब यह मिनी स्टेडियम था तब यहां सुबह शाम खिलाड़ी नजर आते थे लेकिन डेढ़ सालों में बनकर तैयार होने वाला स्टेडियम तीन सालों बाद भी अधूरा ही पड़ा है।

शहर के बीचों-बीच मिनी स्टेडियम मैदान 4 एकड़ में फैला हुआ था। शहर में सर्वसुविधायुक्त मैदान की कमी को पुरा करने इसे खेल स्टेडियम बनाने 4 करोड़ 42 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। जुलाई 2019 में स्टेडियम बनाने स्वीकृति मिली तथा डेढ़ सालों में दिसंबर 2020 तक काम पुरा हो जाना था। डेढ़ सालों में तो निर्माण पुरा होना दूर की बात तीन सालों बाद स्थिति ये है की निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।

नए स्टेडियम में फुटबाल, टेबल टेनिस, कबड्डी, बैडमिंटन के अलावा एथलेटिक्स खेलों के लिए मैदान बनना है। वर्तमान में हालत ये है की मैदान में जगह जगह पर निर्माण सामग्री, मलबा बिखरा हुआ है। मैदान में हुए गड्ढों में पानी भरा हुआ है। मल्टी पर्पस हाल में अभी फिनिशिंग के साथ लाइटिंग का काम शेष है।

डिजाइन के अलावा कोरोना के कारण काम प्रभावित

2020 तथा 2021 दो साल कोरोना के कारण स्टेडियम निर्माण का काम प्रभावित होता रहा। इसके अलावा मैदान का ड्राइंग तथा डिजाइन में भी बार-बार परिवर्तन की वजह से काम प्रभावित हो रहा है।

शाम ढ़लते ही असामाजिक तत्वों का बन जाता अड्‌डा

शाम को अंधेरा ढ़लते ही यहां सूनसान हो जाता है। इसी का फायदा उठा असामाजिक तत्व यहां अड्‌डा जमा लेते हैं तथा शराबखोरी करते हैं।

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