सरकार दे रही महिला विरोधी होने का प्रमाण,,,पूर्व मंत्री महेश गागड़ा

राजेन्द्र देवांगन
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सरकार दे रही महिला विरोधी होने का प्रमाण,,,पूर्व मंत्री महेश गागड़ा

(संवाददाता सिरोज विश्वकर्मा)

रेडी-टू-ईट कार्य महिलाओं से सरकार छीन रही है, इसको लेकर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने सरकार पर निशाना साधा है. प्रेस को जारी अपने वक्तव्य में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा है, कि जिस प्रकार का सपना कांग्रेस ने महिलाओं सपना दिखाया था, आज ठीक विपरीत गिरगिट की तरह रंग बदल रही है, और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने महिलाओं का रोजगार छीन रही है.

श्री गागड़ा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 22 नवम्बर को मंत्री परिषद में फैसला लिया है कि आने वाले फरवरी 2022 से महिला समूहों से रेडी-टू-ईट का कार्य छीन रही है. इसे छीनकर महिलाएं हो रही थीं आत्मनिर्भर

श्री गागड़ा ने कहा कि महिलाएं स्वरोजगार से मुनाफा कमा रही थीं, सिर्फ बस्तर में ही रेडी-टू-ईट कार्य से सालाना 12 करोड़ का कारोबार होता था, यही बात मुख्यमंत्री और कांग्रेस को हजम नहीं हुआ. कांग्रेस नहीं चाहती है कि बस्तर की बेटियां सशक्त हों. इससे स्पष्ट होता है कांग्रेस सरकार महिला विरोधी है.
कांग्रेसियों से किये सवाल श्री गागड़ा ने सरकार के रेडी-टू-ईट महिलाओं से छीनने के तर्क पर सवाल किया है, अगर सरकार पोषण आहार में क्वालिटी लाना चाहती है, तो फिर क्यों विशेषज्ञों की रिपोर्ट को झुठलाकर दरकिनार किया ? जबकि विशेषज्ञ कह रहे हैं कि महिलाओं द्वारा बनाये जा रहे रेडी-टू-ईट क्वालिटी अच्छी है.

राज्य बीज निगम को दे रही है, अर्थात सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश और बस्तर की महिलाएं सशक्त न बने, जबकि भाजपा की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सामाजिक रूप से

मजबूत करना चाहती थी, इसलिए समूह के माध्यम से रेडी टू-ईट का कार्य दिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार को प्रदेश के महिलाओं की चिंता नही है उन्हें अपनी मुनाफे

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